पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि देश आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है और जीएसटी में बदलाव (Next Generation GST Reform) कल से लागू होंगे। ये नवरात्र के पहले दिन से शुरू होगा, यानी कि 22 सितंबर की सुबह से।
जीएसटी के इस नए बदलाव को उन्होंने “जीएसटी बचत उत्सव” कहा है — मतलब आम आदमी की जेब पर असर होगा, चीज़ें सस्ती होंगी और लोकतंत्र में टैक्स का बोझ कम होगा।
पीएम ने कहा कि इससे गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएँ, व्यापारी, दुकानदार — सबका फायदा होगा। त्योहार का मौसम है, तो इसका असर खास तौर पर महसूस होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ये बदलाव सिर्फ आज की ज़रूरत नहीं, बल्कि भविष्य की आकांक्षाओं के अनुरूप हैं।
वर्ष 2014 से सरकार ने जीएसटी को जनहित व देश हित की प्राथमिकता बनाया है, सभी राज्यों और हिस्सेदारों की राय ली गई और उनकी शंकाएँ दूर की गईं।
“वन नेशन, वन टैक्स” की सोच को आगे बढ़ाया गया है, ताकि टैक्स सिस्टम सरल हो और देश के हर राज्य को विकास की दौड़ में बराबरी का मौका मिले।
स्वदेशी को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला। उन्होंने कहा कि लोग वही सामान खरीदें जो भारत में बने हों, जिससे जवानों की मेहनत को मान मिले और लोकल उत्पादन को बढ़ावा मिले।
अंत में उन्होंने MSMEs (माइक्रो, स्मॉल, मीडियम एंटरप्राइजेज) का ज़िक्र किया और कहा कि ये आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएंगे।
