बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले लालू यादव के परिवार में फिर विवाद गहरा गया है। इस बार मुद्दा एक तस्वीर है जिसमें पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय यादव "वोटर अधिकार यात्रा" के दौरान एक गाड़ी में आगे बैठे दिख रहे हैं। लेकिन यह केवल बहाना है, असली लड़ाई बहुत गहरी है राजनीतिक शक्ति, उत्तराधिकार और निर्णय प्रक्रिया को लेकर। तेजस्वी यादव अपनी स्थिति मजबूत कर चुके हैं और पार्टी चलाने में उनको अधिक अधिकार देने में संजय की भूमिका है। तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य इस बात से नाराज़ हैं कि संजय की भागीदारी सिर्फ उपयुक्त नहीं बल्कि निर्णायक हो गई है, जिससे उनका राजनीतिक भविष्य प्रभावित हो सकता है। तेजस्वी विश्वस्त हैं कि संजय यादव उनके राजनीतिक रणनीतिकार हैं — वह सीट बंटवारे, गढ़ों की समीक्षा, गठबंधन-मुलाकातों में उनके साथ काम करते हैं। रोहिणी ने सार्वजनिक रूप से संजय के गाड़ी में आगे बैठने को लेकर सवाल उठाया, यह बताने के लिए कि पार्टी नेतृत्व सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि सच्चा अधिकार बाँटना चाहिए। मीसा भारती, तेजस्वी की बड़ी बहन, इस समय तेजस्वी के साथ खड़ी दिख रही हैं। इस पूरे विवाद के पीछे लालू परिवार के अंदर यह मामला है कि राजनीतिक सत्ता कैसे बंटे — कौन कहां आये — और चुनाव में कौन किसके साथ रहेगा — और यह सब तस्वीर जैसे छोटे मसले से छुपे हुए फैलाव के कारण सामने आ रहा है।
