इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने क़तर में हमास नेताओं पर हुए ताज़ा हमले के बाद चेतावनी दी है कि हमास के लोग जहाँ कहीं भी होंगे, उन्हें निशाना बनाया जाएगा। उनका कहना है कि यदि इस बार पूरा नेतृत्व खत्म नहीं हुआ तो अगली बार इज़राइल ऐसा ज़रूर करेगा। नेतन्याहू ने यह भी आरोप लगाया कि क़तर में हमास का नेतृत्व होने की वजह से ग़ाज़ा युद्ध को खत्म करने और बंधक सौदे को आगे बढ़ाने में बड़ी अड़चन आ रही है। उन्होंने साफ संकेत दिया है कि क़तर को अब यह तय करना होगा कि वह हमास को शरण देता रहेगा या क्षेत्रीय शांति में सहयोग करेगा।
दूसरी तरफ़ क़तर ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। क़तर के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमला पूरे मध्य पूर्व के लिए निर्णायक क्षण है और क्षेत्र को मिलकर इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने इज़राइल पर कायरतापूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि ऐसे हमले पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल सकते हैं।
इस हमले में पाँच हमास सदस्यों की मौत हुई है, जिनमें एक वरिष्ठ नेता का पुत्र भी शामिल था। रिपोर्टों के मुताबिक़ एक क़तारी सुरक्षा अधिकारी भी मारा गया है। अमेरिका के सीनेटर मार्को रुबियो ने नेतन्याहू के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि हमास नेतृत्व को खत्म करना ही ग़ाज़ा संकट के समाधान का रास्ता है। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस हमले को लेकर चिंता जताई है और सभी पक्षों से स्थायी युद्धविराम की दिशा में काम करने की अपील की है।
क़तर की नाराज़गी और अरब देशों की निंदा के बावजूद इज़राइल अपने रुख पर अडिग है। इस पूरे घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है और कूटनीतिक रिश्तों पर गहरा असर पड़ने की संभावना है।
