भारतीय वायुसेना ने सरकार को 114 राफेल फाइटर जेट्स खरीदने का प्रस्ताव भेजा है, जिसमें ये सभी विमान मेक इन इंडिया योजना के तहत भारत में बनाए जाएंगे। इस सौदे की अनुमानित लागत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है और अगर इसे मंजूरी मिलती है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा होगा। इस डील के तहत फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन किसी भारतीय कंपनी के साथ मिलकर देश में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी।
अभी भारतीय वायुसेना के पास 36 राफेल हैं जो फ्रांसीसी मिसाइलों जैसे मेट्योर, मीका और स्कैल्प से लैस हैं, जबकि नए राफेल में भारतीय हथियार प्रणाली भी जोड़ी जा सकती है। यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, रक्षा खरीद परिषद और कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी तक जाएगा। इस सौदे से वायुसेना की कमजोर होती स्क्वाड्रन संख्या को बल मिलेगा और 5 से 6 नए स्क्वाड्रन तैयार किए जा सकते हैं।
यह योजना एमआरएफए प्रोजेक्ट को भी प्रभावित कर सकती है जिसमें 114 विमान बनाने की योजना थी लेकिन उसमें वैश्विक कंपनियों को खुला टेंडर देने की बात थी, जबकि नए प्रस्ताव में भारत-फ्रांस के बीच सीधे सरकार से सरकार (G2G) समझौते की राह अपनाई जा रही है। गौरतलब है कि इसी साल अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए भी 26 राफेल मरीन संस्करण खरीदे थे जिन्हें INS विक्रांत पर तैनात किया जाएगा।
