SBI की रिपोर्ट के मुताबिक़ RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगली बैठक में 25 आधार-अंक (0.25%) की repo rate में कटौती की संभावना है।
रिपोर्ट कहती है कि GST सुधारों से राजस्व संग्रह में सुधार होगा, जिससे सरकार की आमदनी बढ़ेगी और महँगाई पर नियंत्रण की जगह बनेगी।इसके साथ ही आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ये कदम ज़रूरी माना जा रहा है।
हालाँकि, SBI ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर महँगाई अपेक्षित रूप से नहीं गिरे, तो rate cut से ज़्यादा दबाव आ सकता है—यानि policy makers को “Type-2 error” यानी अवसर को गँवाने का जोखिम होगा।
अभी वर्तमान repo rate 5.50% है, जो कि जून MPC बैठक में निर्धारित किया गया था।
