डाक विभाग ने देशभर के छात्रों के हित में एक अहम और राहत भरी पहल की घोषणा की है। स्टूडेंट पार्सल डिस्काउंट स्कीम के तहत अब विद्यार्थी 1 जनवरी 2026 से डाक पार्सल भेजने पर पोस्टेज शुल्क (GST को छोड़कर) में 10 प्रतिशत की छूट प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना बिहार सहित पूरे देश में एक साथ लागू होगी।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पार्सल भेजने से जुड़े खर्च को कम करना है, जिससे शिक्षा को और सुलभ बनाया जा सके।
डाक विभाग के अनुसार, भारत में लगभग 12.7 करोड़ स्कूली छात्र और 4.46 करोड़ उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी हैं। इसके अलावा व्यावसायिक प्रशिक्षण, दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस लर्निंग) और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों से जुड़े लाखों युवा भी इस योजना के दायरे में आएंगे।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छात्रों को अक्सर किताबें, प्रोजेक्ट, नोट्स या निजी सामान अपने घर और शिक्षण संस्थानों के बीच भेजना पड़ता है, जो आर्थिक रूप से बोझिल होता है। यह योजना ऐसे छात्रों के लिए विशेष रूप से सहायक साबित होगा।
इस योजना के अंतर्गत 10% छूट उपलब्ध होगी, स्पीड पोस्ट पार्सल और इंडिया पोस्ट पार्सल (रिटेल)। छूट का लाभ इन माध्यमों से की गई बुकिंग पर मिलेगा, डाकघर काउंटर के माध्यम से और क्लिक-एन-बुक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन बुकिंग।
योजना का लाभ लेने के लिए यह जरूरी है कि पार्सल भेजने वाला व्यक्ति किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी शिक्षण संस्थान का बोनाफाइड छात्र हो। बुकिंग के समय वैध छात्र पहचान पत्र (Student ID Card) दिखाना अनिवार्य होगा। बिना पहचान पत्र के इस छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा।
डाक विभाग की यह पहल न सिर्फ छात्रों को आर्थिक मदद देगी, बल्कि शैक्षणिक सामग्री के सुरक्षित और किफायती आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगी। डिजिटल इंडिया के दौर में भी डाक सेवाएं देश के दूर-दराज इलाकों तक भरोसेमंद कनेक्टिविटी का माध्यम बना हुआ है। यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने और छात्रों के बोझ को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
