11 हजार स्नो ग्लोब का जादुई संसार: गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज अनोखा संग्रह

Jitendra Kumar Sinha
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बर्लिन से आई एक अनोखी खबर ने दुनिया भर के कलेक्शन प्रेमियों का ध्यान खींचा है। जर्मनी के एक व्यक्ति ने स्नो ग्लोब इकट्ठा करने के शौक को ऐसा मुकाम दिलाया है कि उसका नाम सीधे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। अब तक 11 हजार से अधिक अलग-अलग स्नो ग्लोब जमा कर उसने दुनिया का सबसे बड़ा निजी स्नो ग्लोब कलेक्शन बना लिया है।


स्नो ग्लोब मूलतः एक पारदर्शी कांच का गोला होता है, जिसके भीतर किसी शहर, स्मारक, पात्र या दृश्य का मॉडल रहता है। इसे हिलाने पर अंदर बर्फ जैसे कण गिरते हैं, जिससे एक जादुई दृश्य बनता है। आज यह सिर्फ सजावटी वस्तु नहीं है, बल्कि यादों और संस्कृति का प्रतीक भी बन चुका है।


रिकॉर्ड बनाने वाले इस जर्मन नागरिक ने 1994 में पहला स्नो ग्लोब खरीदा था। धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया। हर यात्रा, हर खास अवसर और हर नई खोज के साथ उसके कलेक्शन में नया ग्लोब जुड़ता गया। तीन दशक में यह संख्या 11 हजार के पार पहुंच गया।


इस संग्रह का सबसे पुराना स्नो ग्लोब 1889 का एफिल टॉवर दर्शाता है, जो इसे ऐतिहासिक महत्व देता है। इसके अलावा संग्रह में कई दुर्लभ और अनोखे विषयों वाले ग्लोब शामिल हैं। कोका-कोला फोन, टाइटैनिक जहाज, हेलीकॉप्टर में उड़ते सांता क्लॉज, हैरी पॉटर थीम, विश्व प्रसिद्ध शहर और स्मारक, हर ग्लोब अपने भीतर एक कहानी और एक दौर समेटे हुए है।


गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इस संग्रह को “दुनिया का सबसे बड़ा स्नो ग्लोब कलेक्शन” मानते हुए आधिकारिक रूप से दर्ज किया। रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए हर ग्लोब की गिनती, उसकी विशिष्टता और संरक्षण की जांच की गई।


इस कलेक्टर का कहना है कि स्नो ग्लोब सिर्फ सजावट नहीं है, बल्कि इतिहास, संस्कृति और भावनाओं का संगम हैं। वह भविष्य में इस संग्रह को सार्वजनिक प्रदर्शनी या छोटे संग्रहालय के रूप में लोगों के सामने लाने की योजना भी बना रहा है, ताकि बच्चे और युवा इसके माध्यम से दुनिया को करीब से देख सकें।


यह रिकॉर्ड साबित करता है कि किसी छोटे से शौक को भी अगर निरंतरता, लगन और प्रेम के साथ निभाया जाए, तो वह वैश्विक पहचान बना सकता है। 11 हजार स्नो ग्लोब का यह संग्रह न सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धि है, बल्कि रचनात्मक शौकों की ताकत का भी उदाहरण है।



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