लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज के साथ उद्योग विभाग का हुआ करार - यूलिप इंटीग्रेशन से उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार

Jitendra Kumar Sinha
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बिहार के औद्योगिक ढांचे को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उद्योग विभाग ने एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल) के साथ एक अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। इस करार का उद्देश्य राज्य में यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप) का इंटीग्रेशन करना है, ताकि लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों को एक नई गति, पारदर्शिता और एकीकृत दिशा मिल सके।

यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म यानी यूलिप केंद्र सरकार की एक अभिनव पहल है, जो लॉजिस्टिक्स सेक्टर में फैले विभिन्न डेटा-सिस्टम्स को एक जगह लाकर उन्हें एकीकृत रूप में उपलब्ध कराता है। इसका सीधा लाभ यह है कि परिवहन, वेयरहाउसिंग, कस्टम क्लीयरेंस, फॉरवर्डिंग और आपूर्ति शृंखला से जुड़े सभी चरणों की जानकारी रीयल-टाइम में एक क्लिक पर मिल जाता है।

बिहार जैसे तेजी से उभरते राज्य के लिए यह तकनीक न सिर्फ औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी, बल्कि बड़े निवेशकों का विश्वास भी बढ़ाएगी।

पटना में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता और एनएलडीएसएल के सीओओ अरविन्द देवराज की उपस्थिति में यह करार हुआ। इस एमओयू को बिहार की औद्योगिक यात्रा का एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

यूलिप प्लेटफॉर्म के इंटीग्रेशन से लॉजिस्टिक्स से जुड़े सभी सरकारी विभाग एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ेगा। रीयल-टाइम डाटा शेयरिंग संभव होगा। क्लीयरेंस और परमिशन से जुड़ी प्रक्रियाएं तेज होगा। उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की प्रोसेसिंग तेज होगा। निवेशकों के लिए राज्य और अधिक आकर्षक गंतव्य बनेगा।

प्लेटफॉर्म के लागू होने से बिहार में लॉजिस्टिक्स कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और कुशल बन जाएगा। विभागों के बीच जानकारी के आदान-प्रदान में लगने वाला समय काफी कम होगा। इससे न सिर्फ समय और लागत की बचत होगी, बल्कि फाइलों के अनावश्यक आवागमन पर भी रोक लगेगा। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और संचालन से जुड़े बड़े उद्योगों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा, क्योंकि क्लीयरेंस में तेजी आने से प्रोजेक्ट टाइमलाइन कम होगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगा।

यह कदम बिहार में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को एक नया आयाम देगा। उद्योगपतियों के लिए एक ऐसा वातावरण तैयार होगा जिसमें वे बिना बाधा अपने प्रोजेक्ट्स पर काम कर सके। साथ ही, यह प्लेटफॉर्म भविष्य में राज्य में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक क्लस्टर और सप्लाई चेन नेटवर्क के विकास को भी बढ़ावा देगा।

एनएलडीएसएल के साथ एमओयू के जरिए यूलिप इंटीग्रेशन का निर्णय बिहार के औद्योगिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल प्रक्रियाएं पारदर्शी होगी, बल्कि राज्य में उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी कई गुना बढ़ जाएंगी। आधुनिक तकनीक के साथ कदम मिलाते हुए बिहार अब लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है।



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