बिहार के अंग क्षेत्र के पर्यटन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (बीएसटीडीसी) ने एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। भागलपुर, बांका, जमुई, लखीसराय और मुंगेर जैसे सांस्कृतिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि वाले जिलों को एक ही पर्यटन श्रृंखला में जोड़ने के लिए व्यापक “गंतव्य रणनीति विकास योजना” (DSDP) तैयार की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन जिलों के पर्यटन स्थलों को विकसित कर “समग्र पर्यटन विकास मॉडल” का निर्माण करना है।
बीएसटीडीसी के अनुसार, अंग क्षेत्र के ये पांच जिले अपनी-अपनी विशिष्ट पहचानों और आकर्षणों के लिए जाने जाते हैं। भागलपुर अपनी प्राचीन सिल्क परंपरा और गंगा नदी की सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। बांका में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का अनोखा संगम देखने को मिलता है। जमुई इतिहास, पुरातत्व और जैन तीर्थंकर भगवान महावीर की जन्मस्थली होने के कारण विशेष स्थान रखता है। लखीसराय में ऐतिहासिक अवशेषों और यात्राओं से जुड़ी विरासत की झलक मिलती है। मुंगेर अपनी प्राचीन किलेबंदी, योग निकेतन और गंगा घाटों के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है। इन सभी जिलों को जोड़कर बनाए जा रहे रोडमैप का उद्देश्य है कि एक पर्यटक एक ही यात्रा में पूरे अंग क्षेत्र के विविध पर्यटन अनुभवों का आनंद ले सके।
पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय बजट 2024-25 में भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों को विकसित करने की घोषणा की गई थी। इसी संदर्भ में जुलाई 2025 में केंद्र और बिहार सरकार के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें केंद्र सरकार से अंग क्षेत्र के लिए अलग गंतव्य रणनीति और विकास योजना तैयार करने का अनुरोध किया गया था। अब इसी दिशा में राज्य सरकार ने कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो पूरे रोडमैप को तकनीकी और प्रायोगिक रूप देगा। रोडमैप तैयार होने के बाद पाँचों जिलों के लिए विशेष पर्यटन बजट का निर्धारण किया जाएगा।
अंग क्षेत्र के बाद राज्य सरकार ने दूसरा बड़ा कदम उठाते हुए कैमूर की पहाड़ियों और रोहतास के पर्यटन विकास के लिए भी समानांतर रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इससे बिहार में साहसिक पर्यटन, पहाड़ी पर्यटन और इको-टूरिज्म को मजबूत आधार मिलेगा।
इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, बेहतर बुनियादी ढाँचा, सड़क संपर्क, होटल एव गाइड सुविधाएँ विकसित होने से इन जिलों के पर्यटन की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।
