बिहार सरकार ने जमीन मालिकों को ऑफलाइन भू-लगान रसीद देने की परंपरा पर सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल ऑनलाइन रसीद ही मान्य होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि जो अधिकारी या कर्मचारी ऑफलाइन रसीद जारी करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला राज्य में राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, डिजिटल और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रधान सचिव सी.के. अनिल की ओर से जारी पत्र में पहले से जारी आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सभी अंचलों में भू-लगान का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाना है और उसी के अनुरूप रैयतों या भू-धारियों को ऑनलाइन रसीद प्रदान की जानी चाहिए। 25 अप्रैल 2024 को जारी आदेश में ऑफलाइन भू-लगान रसीद पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ अंचलों में ऑफलाइन रसीद दिए जाने की शिकायतें सामने आई थी, जिसके बाद विभाग ने दोबारा सख्त निर्देश जारी किया है।
ऑफलाइन रसीद व्यवस्था में गड़बड़ी और अनियमितताओं की आशंका बनी रहती है। इसमें रसीदों के दुरुपयोग, फर्जीवाड़े और रिकॉर्ड में हेरफेर की संभावना अधिक होती है। कई मामलों में जमीन मालिकों को सही समय पर सही जानकारी नहीं मिल पाती है, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। ऑनलाइन प्रणाली से भुगतान और रसीद दोनों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिससे किसी भी स्तर पर जांच आसान हो जाती है।
विभाग ने सभी अंचल कार्यालयों को निर्देश दिया है कि जो भी ऑफलाइन भू-लगान रसीदे पहले से प्रचलन में हैं, उन्हें एकत्र कर जिला मुख्यालय में सुरक्षित स्थान पर संधारित किया जाए। साथ ही इसकी पूरी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराई जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि भविष्य में कोई भी अधिकारी पुराने तरीके से रसीद जारी न कर सके।
ऑनलाइन भू-लगान प्रणाली से जमीन मालिकों को कई फायदे होंगे। घर बैठे लगान भुगतान की सुविधा। तुरंत ऑनलाइन रसीद प्राप्ति। रिकॉर्ड का सुरक्षित और स्थायी संग्रह। विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध। दलालों और बिचौलियों से मुक्ति। इस व्यवस्था से समय और धन दोनों की बचत होगी तथा आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
राज्य सरकार पहले ही भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन दाखिल-खारिज और नक्शा उपलब्ध कराने जैसी योजनाएं लागू कर चुकी है। अब भू-लगान को पूरी तरह ऑनलाइन कर देना उसी कड़ी का अगला चरण है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्य प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।
ऑफलाइन भू-लगान रसीद पर रोक और उल्लंघन पर कार्रवाई का निर्णय बिहार की राजस्व व्यवस्था में बड़ा सुधार साबित हो सकता है। यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करेगा। अब जरूरत है कि अंचल स्तर पर इस आदेश का पूरी गंभीरता से पालन हो, ताकि जमीन मालिकों को एक भरोसेमंद और आधुनिक सेवा प्रणाली मिल सके।
------------
