एससी, एसटी और अत्यंत पिछड़े मछली पालकों को मिलेगा विशेष पैकेज

Jitendra Kumar Sinha
0

 


 

राज्य सरकार ने मत्स्य पालन को सशक्त बनाने और वंचित वर्गों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा “तालाब मत्स्यिकी विशेष सहायता योजना” के तहत अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अत्यंत पिछड़े वर्ग के मछली पालकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन वर्गों के लोगों को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।


इस विशेष सहायता योजना में मछली पालन से जुड़े बुनियादी और आधुनिक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसके अंतर्गत लाभार्थियों को “पैकेज सहायता” के रूप में कई सुविधाएं दी जाएंगी, जिनमें प्रमुख हैं रियरिंग तालाब का निर्माण। बोरिंग की सुविधा। पंपसेट या समरसिबल पंप की स्थापना। शेड निर्माण। यांत्रिक एरेटर की व्यवस्था। इन सभी सुविधाओं को एक समग्र पैकेज के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि मछली पालक कम लागत में बेहतर उत्पादन कर सके।


योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चयनित लाभार्थियों को कुल लागत का 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। यानि किसानों और मछली पालकों को केवल 30 प्रतिशत राशि स्वयं वहन करनी होगी। इससे छोटे और सीमांत स्तर पर काम कर रहे मछली पालकों को बड़ी राहत मिलेगी और वे आधुनिक तकनीक को अपनाने में सक्षम होंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन आय का एक प्रमुख स्रोत बनता जा रहा है। लेकिन संसाधनों की कमी के कारण कई लोग इस क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। यह योजना विशेष रूप से उन वर्गों के लिए है, जिन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से पीछे माना जाता है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि गांवों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।


विभाग द्वारा जल्द ही आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू किया जाएगा। पात्र लाभार्थियों का चयन निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। प्राथमिकता उन्हीं को दी जाएगी, जो वास्तव में मत्स्य पालन से जुड़े हैं या इस क्षेत्र में काम शुरू करना चाहते हैं।


यह योजना केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे ग्रामीण तंत्र पर पड़ेगा। तालाबों का निर्माण, उपकरणों की स्थापना और उत्पादन में वृद्धि से स्थानीय बाजार मजबूत होंगे। इससे मछली की उपलब्धता बढ़ेगी, पोषण स्तर सुधरेगा और राज्य की मत्स्य उत्पादन क्षमता में भी इजाफा होगा।


तालाब मत्स्यिकी विशेष सहायता योजना एससी, एसटी और अत्यंत पिछड़े वर्ग के मछली पालकों के लिए एक नई राह खोलने वाली पहल है। 70 प्रतिशत तक अनुदान और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार की यह कोशिश न केवल सामाजिक न्याय को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top