अमेजन में 16,000 कर्मचारियों की होगी छंटनी

Jitendra Kumar Sinha
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दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी अमेजन ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। न्यूयॉर्क से जारी जानकारी के अनुसार, कंपनी लगभग 16,000 कर्मचारियों की नौकरियों में कटौती करने जा रही है। यह घोषणा अमेजन द्वारा बुधवार को प्रकाशित एक आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से की गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब वैश्विक स्तर पर टेक कंपनियां लागत घटाने और व्यावसायिक संरचना को पुनर्गठित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।


अमेजन के लिए यह पहली बड़ी छंटनी नहीं है। इससे पहले अक्टूबर में कंपनी ने करीब 14,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। उस समय कंपनी ने इसे महामारी के बाद बदले आर्थिक हालात और उपभोक्ता मांग में आई गिरावट से जोड़ा था। नई छंटनी को भी उसी सिलसिले का अगला चरण माना जा रहा है। कंपनी का मानना है कि कोविड काल में तेजी से हुई भर्ती अब वर्तमान आर्थिक वास्तविकताओं से मेल नहीं खा रही है।


अमेजन ने सभी प्रभावित विभागों के नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह छंटनी मुख्य रूप से कॉर्पोरेट, टेक्नोलॉजी, ह्यूमन रिसोर्स और कुछ रिटेल से जुड़े विभागों में होगी। इससे पहले की छंटनियों में भी गैर-वेयरहाउस यानि कार्यालय आधारित कर्मचारियों पर अधिक असर देखा गया था। वेयरहाउस और डिलीवरी से जुड़े कर्मचारियों पर इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।


अमेजन ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका में कार्यरत कर्मचारियों को तुरंत बाहर नहीं किया जाएगा। प्रभावित कर्मचारियों को कंपनी के भीतर ही नई भूमिका तलाशने के लिए 90 दिनों का समय दिया जाएगा। इस अवधि में वे आंतरिक जॉब पोर्टल के माध्यम से अन्य पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होगी, उन्हें सेवरेंस पैकेज और अन्य लाभ दिए जाने की बात भी कही गई है।


अमेजन अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो इस तरह का कदम उठा रही है। पिछले कुछ महीनों में गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और ट्विटर (एक्स) जैसी कई बड़ी टेक कंपनियां हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में वृद्धि, विज्ञापन बाजार में सुस्ती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।


अमेजन की 16,000 कर्मचारियों की छंटनी यह संकेत देती है कि टेक उद्योग अभी भी गंभीर पुनर्संरचना के दौर से गुजर रहा है। जहां कंपनियां अपने खर्च कम कर भविष्य के लिए खुद को मजबूत बनाना चाहती हैं, वहीं कर्मचारियों के लिए यह समय अनिश्चितता और चुनौती से भरा हुआ है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि क्या वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ टेक सेक्टर में फिर से स्थिरता लौटती है या छंटनी का यह दौर आगे भी जारी रहता है।



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