जगजीवन महाविद्यालय, गयाजी में खेल-कूद गतिविधियों को नई दिशा देते हुए बीसीए सभागार में शतरंज प्रशिक्षण शिविर सह टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। इस आयोजन ने न केवल छात्रों में उत्साह भरा, बल्कि खेल के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को भी मजबूत किया है। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, सुप्रसिद्ध शतरंज कोच डॉ. गोपाल प्रसाद, खेलकूद प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार, हिन्दी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता कुमारी एवं गणित विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।
प्रधानाचार्य डॉ. सत्येंद्र प्रजापति ने कहा है कि महाविद्यालय में पहली बार शतरंज प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इसके लिए उन्होंने शतरंज कोच डॉ. गोपाल प्रसाद के प्रति आभार व्यक्त किया और छात्र-खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल कोई भी हो, उसमें समर्पण सबसे आवश्यक तत्व होता है।
खेलकूद प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों में खेल भावना का विकास जगजीवन महाविद्यालय का प्राथमिक दायित्व है। वहीं, हिन्दी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता कुमारी ने कहा कि खेलना एक बात है, लेकिन खेल के प्रति सम्मान और अनुशासन रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।
महाविद्यालय में आगामी 28 एवं 29 जनवरी को अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में मगध विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभावान विद्यार्थी अपनी रणनीति, धैर्य और बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच बनेगा, बल्कि छात्रों को एक-दूसरे से सीखने और आगे बढ़ने का अवसर भी देगा।
शतरंज प्रशिक्षण शिविर सह टूर्नामेंट में महाविद्यालय के 40 से अधिक छात्र एवं 10 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। देर शाम तक चले रोमांचक मुकाबलों में महिला वर्ग में प्रथम- गुड़िया कुमारी, द्वितीय- सुप्रिया कुमारी: तृतीय- सो. निका कुमारी और चतुर्थ- दुर्गा कुमारी हुई। वहीं पुरुष वर्ग में प्रथम- राजा कुमार, द्वितीय- नीतीश कुमार, तृतीय- सौरभ कुमार और चतुर्थ- कृष्णा कुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
शतरंज केवल खेल नहीं है, बल्कि एक ऐसा माध्यम है जो निर्णय क्षमता, एकाग्रता और रणनीतिक सोच को विकसित करता है। जगजीवन महाविद्यालय द्वारा की गई यह पहल छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाली अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता निश्चित ही गयाजी को शतरंज प्रेमियों का केंद्र बनाएगी और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाएगी।
