स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम - 100 एमजी से ज्यादा की निमेसुलाइड पर लगा प्रतिबंध

Jitendra Kumar Sinha
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भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड युक्त 100 मिलीग्राम से अधिक मात्रा वाली सभी गोलियों के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि अधिक खुराक में निमेसुलाइड स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।


निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है, जिसका उपयोग दर्द, सूजन और बुखार में किया जाता रहा है। इसे तेज़ असर करने वाली दवा माना जाता है, इसलिए यह वर्षों तक प्रचलन में रही। हालांकि, समय के साथ इसके दुष्प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ती गईं।


स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 100 एमजी से अधिक खुराक में निमेसुलाइड लेने से यकृत (लीवर) को गंभीर नुकसान, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल समस्याएं और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं। ICMR की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अधिक खुराक से जुड़े जोखिम लाभ से अधिक हैं। इसी आधार पर सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए उच्च खुराक वाली गोलियों पर रोक लगाई है।


आधिकारिक अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि 100 एमजी से अधिक निमेसुलाइड युक्त किसी भी दवा का निर्माण, बिक्री या वितरण अब अवैध होगा। दवा नियंत्रक संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजार में मौजूद ऐसे उत्पादों की तत्काल निगरानी और वापसी सुनिश्चित करें।


इस फैसले के बाद मरीजों को दर्द निवारक के रूप में सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करना होगा। डॉक्टरों को भी दवा लिखते समय निर्धारित मानकों का पालन करना होगा और उच्च खुराक से बचना होगा। फार्मासिस्टों को बिना डॉक्टर की पर्ची के निमेसुलाइड देने से पहले विशेष सावधानी बरतनी होगी।


दवा कंपनियों को अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में बदलाव करना पड़ेगा। उच्च खुराक वाली गोलियों का उत्पादन बंद करना होगा और नियामक दिशानिर्देशों के अनुरूप नए विकल्प विकसित करने होंगे। इससे उद्योग पर अल्पकालिक दबाव तो पड़ेगा, लेकिन दीर्घकाल में यह उपभोक्ता सुरक्षा के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।


100 एमजी से अधिक निमेसुलाइड पर प्रतिबंध सरकार का स्वास्थ्य-केन्द्रित निर्णय है, जिसका उद्देश्य आम जनता को संभावित खतरों से बचाना है। यह कदम दवाओं के सुरक्षित उपयोग और जिम्मेदार चिकित्सकीय प्रथा को बढ़ावा देगा। मरीजों को चाहिए कि वे स्वयं दवा लेने से बचें और किसी भी दर्द निवारक का उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करें।

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