उड़ता नहीं है - छलांग लगाता है - “शुगर ग्लाइडर”

Jitendra Kumar Sinha
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“शुगर ग्लाइडर” (Sugar Glider) प्रकृति की उन अनोखी रचनाओं में से एक है, जो अपनी मासूम शक्ल, चंचल स्वभाव और हवा में फिसलने की अद्भुत क्षमता के कारण लोगों को तुरंत आकर्षित कर लेता है। यह छोटा सा स्तनधारी मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, न्यू गिनी और आसपास के द्वीपों के जंगलों में पाया जाता है। आकार में छोटा होने के बावजूद इसकी खूबियाँ इसे जीव-जगत में खास स्थान दिलाती हैं।


“शुगर ग्लाइडर” का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है, ‘शुगर’ और ‘ग्लाइडर’। ‘शुगर’ इसलिए क्योंकि यह फल, फूलों का रस, पेड़ों का मीठा गोंद और कभी-कभी शहद जैसी मीठी चीजें बड़े चाव से खाता है। वहीं ‘ग्लाइडर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह उड़ता नहीं है, बल्कि एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक फिसलते हुए छलांग लगाता है। दिखने में यह चूहे और गिलहरी का मिला-जुला रूप लगता है, जिसकी बड़ी-बड़ी आंखें इसे और भी प्यारा बनाती हैं।


शुगर ग्लाइडर की सबसे खास विशेषता इसकी आगे और पीछे की टांगों के बीच फैली पतली त्वचा होती है, जिसे ‘पटागियम’ कहा जाता है। जब यह छलांग लगाता है, तो यह त्वचा पैराशूट की तरह फैल जाती है और उसे हवा में संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। इसी की सहायता से “शुगर ग्लाइडर” लगभग 40 से 50 मीटर तक बिना पंखों के फिसल सकता है। इसकी लंबी पूंछ दिशा बदलने और संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


“शुगर ग्लाइडर” एक रात्रिचर जीव है, यानि यह रात में सक्रिय रहता है। दिन के समय यह पेड़ों के खोखलों या पत्तों से बने घोंसलों में आराम करता है। यह सामाजिक प्राणी है और अक्सर छोटे समूहों में रहता है। समूह में रहकर यह आपस में संवाद करता है, एक-दूसरे की देखभाल करता है और खतरे के समय मिलकर प्रतिक्रिया देता है।


इसका आहार मुख्य रूप से फल, फूलों का रस, कीड़े-मकोड़े और पेड़ों से निकलने वाला मीठा गोंद होता है। मीठा खाने की इसकी आदत ही इसके नाम की सबसे बड़ी वजह है। प्राकृतिक वातावरण में यह भोजन खोजने के लिए पेड़-पेड़ पर फिसलते हुए घूमता रहता है।


“शुगर ग्लाइडर” पारिस्थितिकी तंत्र में भी अहम भूमिका निभाता है। यह फूलों का रस पीते समय परागण में मदद करता है और कीड़े खाकर उनके संतुलन को बनाए रखता है। इस तरह यह जंगल के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी जीव है।


छोटा, फुर्तीला और छलांग लगाता यह प्यारा “शुगर ग्लाइडर” प्रकृति की अद्भुत देन है। इसकी मीठी पसंद, सामाजिक व्यवहार और हवा में फिसलने की क्षमता इसे अन्य जीवों से अलग बनाती है। शुगर ग्लाइडर यह सिखाता है कि प्रकृति में हर जीव, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, अपने आप में अनोखा और महत्वपूर्ण होता है।

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