बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता दर्ज करने के बाद फिल्म ‘धुरंधर’ अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हो चुकी है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक जासूसी एक्शन थ्रिलर है, जो दर्शकों को न सिर्फ मनोरंजन देती है, बल्कि भारत के हालिया इतिहास की कुछ सबसे संवेदनशील घटनाओं की याद भी दिलाती है। दमदार कहानी, मजबूत अभिनय और रियलिस्टिक ट्रीटमेंट के कारण ‘धुरंधर’ चर्चा में बनी हुई है।
‘धुरंधर’ की कहानी एक अंडरकवर रॉ एजेंट के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी भूमिका रणवीर सिंह ने निभाई है। यह एजेंट कराची के आपराधिक और राजनीतिक अंडरवर्ल्ड में घुसपैठ करता है और भारत के खिलाफ रची जा रही साजिशों को नाकाम करने की कोशिश करता है। फिल्म की कहानी 1999 के आईसी-814 विमान अपहरण, 2001 के संसद हमले, 2008 के मुंबई आतंकी हमलों और ऑपरेशन लयारी जैसी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। यही वजह है कि फिल्म काल्पनिक होते हुए भी बेहद सच्ची और प्रभावशाली लगती है।
रणवीर सिंह ने इस फिल्म में अपने करियर के सबसे गंभीर और इंटेंस किरदारों में से एक निभाया है। उनका अंडरकवर एजेंट का रूप, बॉडी लैंग्वेज और भावनात्मक संघर्ष दर्शकों को बांध कर रखता है। अक्षय खन्ना हमेशा की तरह संयमित और रहस्यमय भूमिका में प्रभाव छोड़ते हैं। संजय दत्त का किरदार सत्ता और अपराध के गठजोड़ को दर्शाता है, जबकि आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार फिल्म को और मजबूती देते हैं। सभी कलाकारों का अभिनय कहानी को विश्वसनीय बनाता है।
आदित्य धर ने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद एक बार फिर साबित किया है कि वे देशभक्ति और थ्रिल को संतुलित ढंग से पेश करना जानते हैं। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और एक्शन सीक्वेंस अंतरराष्ट्रीय स्तर के लगते हैं। कराची और भारत के विभिन्न लोकेशन्स को जिस यथार्थवादी अंदाज़ में दिखाया गया है, वह फिल्म को और असरदार बनाता है।
अब जब ‘धुरंधर’ ओटीटी पर उपलब्ध है, तो दर्शक इसे घर बैठे आराम से देख सकते हैं। बड़े पर्दे की भव्यता के बावजूद यह फिल्म छोटे स्क्रीन पर भी अपना असर बनाए रखती है। खासतौर पर वे दर्शक जो राजनीतिक थ्रिलर और जासूसी कहानियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह फिल्म एक बेहतरीन विकल्प है।
‘धुरंधर’ सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि भारत की सुरक्षा, बलिदान और गुप्त अभियानों की कहानी है। मजबूत पटकथा, शानदार अभिनय और सधे हुए निर्देशन के कारण यह फिल्म लंबे समय तक याद रखी जाएगी। ओटीटी पर इसकी उपलब्धता ने इसे और भी ज्यादा दर्शकों तक पहुंचा दिया है, जो इसे एक बार जरूर देखने लायक बनाता है।
