सभी राष्ट्रीय जलमार्गों का होगा समग्र विकास

Jitendra Kumar Sinha
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बिहार में अंतर्देशीय जल परिवहन (Inland Water Transport) को मजबूत आधार देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गंगा नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के बाद अब राज्य में घोषित सभी छह राष्ट्रीय जलमार्गों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इस संबंध में जलमार्ग प्राधिकरण के निदेशक को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला गुरुवार को आयोजित जल परिवहन अवसंरचना की प्रगति समीक्षा बैठक में लिया गया है।


परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के निदेशक, राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान (NINI) के परियोजना निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में गंगा जलमार्ग पर चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ अन्य राष्ट्रीय जलमार्गों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।


मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी घोषित जलमार्गों के तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए डीपीआर तैयार किया जाए, ताकि परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।


बिहार में गंगा के अलावा कई प्रमुख नदियाँ हैं, जिन्हें राष्ट्रीय जलमार्ग का दर्जा मिला है। इन जलमार्गों के विकास से माल और यात्री परिवहन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित विकास कार्यों में नदी की ड्रेजिंग, जेटी और टर्मिनल का निर्माण, नेविगेशन सुविधाएं, लाइटिंग, सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक पोतों के संचालन की व्यवस्था शामिल है।


अंतर्देशीय जल परिवहन को सड़क और रेल की तुलना में सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। जलमार्गों के विकास से राज्य में परिवहन लागत घटेगी, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा तथा कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी। इसके साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।


इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बंदरगाह, जेटी, नाव संचालन, रखरखाव और लॉजिस्टिक्स से जुड़े क्षेत्रों में युवाओं को काम मिलेगा। साथ ही, नदी किनारे बसे क्षेत्रों का सामाजिक-आर्थिक विकास भी तेज होगा।


राज्य सरकार का मानना है कि सभी राष्ट्रीय जलमार्गों का समग्र विकास बिहार को अंतर्देशीय जल परिवहन का प्रमुख केंद्र बना सकता है। डीपीआर तैयार होने के बाद केंद्र सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। इससे न सिर्फ बिहार की परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।


 


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