राज्य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। एससी-एसटी कल्याण विभाग के अंतर्गत बिहार महादलित विकास मिशन द्वारा निःशुल्क चालक प्रशिक्षण योजना शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के युवाओं को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एससी-एसटी समुदाय के युवाओं को हल्के एवं भारी मोटर वाहन चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी न केवल ड्राइविंग कौशल सीखेंगे, बल्कि परिवहन क्षेत्र में सुरक्षित और जिम्मेदार चालक के रूप में अपनी पहचान भी बना सकेंगे।
इस योजना के अंतर्गत चयनित युवक-युवतियों को पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें हल्के मोटर वाहन (LMV) और भारी मोटर वाहन (HMV) दोनों के लिए अलग-अलग कोर्स शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान वाहन संचालन, ट्रैफिक नियमों की जानकारी, सड़क सुरक्षा, वाहन की मूल मरम्मत और रखरखाव जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके साथ ही प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा प्रायोगिक अभ्यास भी कराया जा रहा है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ वाहन चला सकें।
इस योजना का लाभ राज्यभर के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवक-युवतियां उठा सकते हैं। सामान्यतः न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और वैध पहचान पत्र जैसी शर्तें निर्धारित की गई हैं। चयन प्रक्रिया पारदर्शी रखी गई है, ताकि वास्तव में जरूरतमंद और इच्छुक अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके।
प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद प्रतिभागियों के लिए निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर खुलते हैं। लॉजिस्टिक्स, परिवहन, टैक्सी सेवा, बस और ट्रक संचालन जैसे क्षेत्रों में कुशल चालकों की लगातार मांग बनी रहती है। इसके अलावा प्रशिक्षित युवा स्वरोजगार के रूप में अपनी खुद की टैक्सी या परिवहन सेवा शुरू कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि संभव है।
यह योजना केवल रोज़गार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी माध्यम है। कौशल प्रशिक्षण से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज की मुख्यधारा में मजबूती से जुड़ते हैं। विशेष रूप से युवतियों के लिए यह पहल आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
एससी-एसटी के लिए निःशुल्क चालक प्रशिक्षण योजना बिहार सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करती है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार किया जाए, तो यह हजारों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है और उन्हें सम्मानजनक रोजगार दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।
