फिल्म “किस्सा कोर्ट कचहरी का” आज (13 मार्च) सिनेमाघरों में होगी रिलीज

Jitendra Kumar Sinha
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पटना में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान सच्ची घटनाओं से प्रेरित बॉलीवुड फिल्म “किस्सा कोर्ट कचहरी का” का आधिकारिक ट्रेलर लॉन्च किया गया। राजधानी के प्रतिष्ठित होटल मौर्या में आयोजित इस कार्यक्रम में फिल्म जगत, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर बिहार सरकार की मंत्री श्रेयषी सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और सामाजिक कार्यकर्ता व नेत्री ऋतु जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। ट्रेलर लॉन्च के साथ ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है, क्योंकि यह फिल्म भारतीय न्याय व्यवस्था के उन पहलुओं को सामने लाने का प्रयास करती है जो आमतौर पर पर्दे के पीछे रह जाते हैं।


होटल मौर्या में आयोजित इस कार्यक्रम का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण था। कार्यक्रम में फिल्म के कलाकारों, निर्माताओं, तकनीकी टीम और कई गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। जैसे ही ट्रेलर को बड़े पर्दे पर दिखाया गया, दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इसका स्वागत किया। ट्रेलर में अदालत की कार्यवाही, न्याय के लिए संघर्ष और आम लोगों की पीड़ा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। ट्रेलर के माध्यम से यह संकेत मिलता है कि फिल्म में कोर्ट-कचहरी के माहौल, कानूनी जटिलताओं और न्याय पाने की लंबी प्रक्रिया को बेहद यथार्थ रूप में दिखाया गया है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने फिल्म की कहानी और प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यह फिल्म समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने का प्रयास करती है।


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बिहार सरकार की मंत्री श्रेयषी सिंह ने फिल्म की टीम को बधाई देते हुए कहा कि बिहार अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और अब यहां की कहानियां भी बड़े पर्दे पर जगह बना रही हैं। उन्होंने कलाकारों और फिल्म निर्माताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की फिल्मों से समाज को जागरूक करने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है ताकि राज्य में अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो सके और स्थानीय कलाकारों को अवसर मिल सके।


कार्यक्रम में मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी बिहार में फिल्म निर्माण की बढ़ती गतिविधियों पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई फिल्म नीति का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। इसके चलते कई फिल्म निर्माता बिहार को शूटिंग के लिए पसंदीदा स्थान के रूप में चुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक धरोहर, प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत फिल्म निर्माण के लिए बेहद उपयुक्त है। यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे तो आने वाले वर्षों में बिहार फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।


फिल्म के निर्देशक रजनीश जायसवाल ने ट्रेलर लॉन्च के दौरान बताया कि “किस्सा कोर्ट कचहरी का” केवल एक मनोरंजन फिल्म नहीं है, बल्कि यह समाज के एक महत्वपूर्ण पहलू को सामने लाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि फिल्म में भारतीय न्याय व्यवस्था के उन अनछुए पहलुओं को दिखाया गया है जिन्हें आम लोग अक्सर नहीं देख पाते हैं। उनके अनुसार, फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और इसमें दिखाया गया है कि किस तरह आम लोग न्याय पाने के लिए लंबा संघर्ष करते हैं। फिल्म में अदालत के अंदर की बहस, वकीलों की रणनीति और न्याय की प्रक्रिया को बेहद वास्तविक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।


इस फिल्म के माध्यम से केवल अदालत की कार्यवाही को ही नहीं दिखाया गया है, बल्कि समाज में न्याय के महत्व और उसकी जटिलताओं को भी उजागर करने की कोशिश की गई है। निर्देशक का मानना है कि फिल्मों के माध्यम से समाज को जागरूक किया जा सकता है और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत बनाया जा सकता है। फिल्म के कलाकारों ने भी कहा कि इस परियोजना पर काम करना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में अभिनय करते समय उन्हें अदालत की प्रक्रिया और कानून की बारीकियों को समझने का मौका मिला।


फिल्म “किस्सा कोर्ट कचहरी का” 13 मार्च को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। ट्रेलर लॉन्च के बाद दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। फिल्म की टीम को उम्मीद है कि यह दर्शकों को न केवल मनोरंजन देगी बल्कि उन्हें न्याय व्यवस्था के बारे में सोचने पर भी मजबूर करेगी।


“किस्सा कोर्ट कचहरी का” एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आ रही है जो मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी देने का प्रयास करती है। पटना में हुए ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम ने यह संकेत दे दिया है कि बिहार अब फिल्म उद्योग के लिए नई संभावनाओं का केंद्र बन रहा है। यदि इस तरह की सार्थक और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्में बनती रहें, तो यह न केवल सिनेमा के स्तर को ऊंचा उठाएंगी बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।



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