कॉमर्शियल गैस सिलिंडर हुआ महंगा - कारोबार पर बढ़ा बोझ

Jitendra Kumar Sinha
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पटना सहित देशभर में एक बार फिर रसोई गैस की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है। इस बार गैर-घरेलू यानि 19 किलोग्राम कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। नई दरें 1 मार्च 2026 से लागू हो चुकी हैं। इस फैसले का सीधा असर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा।


तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम में 49.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। पुरानी कीमत लगभग 1986 रुपये था और नई कीमत 2035.50 रुपये होगी। यह वृद्धि उन व्यवसायों के लिए चुनौती बनकर आई है, जिनका रोजमर्रा का संचालन गैस पर निर्भर करता है।


जहां एक ओर कॉमर्शियल सिलिंडर महंगा हुआ है, वहीं घरेलू एलपीजी (14.2 किलोग्राम) सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू सिलिंडर की कीमत 951 रुपये है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को फिलहाल राहत मिली है। महंगाई के दौर में यह फैसला घरेलू बजट को संतुलित रखने में मददगार माना जा रहा है।


कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और चाय-नाश्ते की दुकानों पर पड़ेगा। रसोई का खर्च बढ़ेगा। मुनाफा घट सकता है। कई कारोबारी खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने पर मजबूर हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बढ़ोतरी लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका बोझ अंततः ग्राहकों तक पहुंचेगा।


छोटे ढाबे, स्ट्रीट फूड वेंडर और सीमित पूंजी वाले कारोबारी पहले ही कच्चे माल की महंगाई से जूझ रहे हैं। अब गैस सिलिंडर महंगा होने से दैनिक खर्च में बढ़ोतरी, प्रतिस्पर्धा में टिके रहना मुश्किल और कुछ दुकानों के बंद होने का खतरा बन सकता है। कई कारोबारी सरकार से राहत या सब्सिडी की मांग कर सकते हैं।


आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण नहीं बताए गए हैं, लेकिन आमतौर पर एलपीजी कीमतों में बदलाव के पीछे ये कारण होते हैं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, परिवहन और वितरण लागत, वैश्विक भू-राजनीतिक हालात। कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमतें अक्सर अंतरराष्ट्रीय बाजार से अधिक जुड़ी होती हैं, जबकि घरेलू गैस पर सरकार का नियंत्रण और सब्सिडी प्रभावी रहती है।


ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतें स्थिर रहीं, तो राहत संभव है। कीमतों में और बढ़ोतरी हुई, तो महंगाई बढ़ेगी। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देती रहेगी। व्यापारिक वर्ग को उम्मीद है कि भविष्य में कॉमर्शियल सिलिंडर पर भी कोई राहत पैकेज या कर कटौती की घोषणा हो सकती है।


कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम में 49.50 रुपये की बढ़ोतरी ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। यह फैसला जहां आम परिवारों के लिए सुकून लेकर आया है, वहीं होटल और छोटे व्यवसायों के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है। आने वाले समय में सरकार और तेल कंपनियों की नीतियां यह तय करेगी कि यह बोझ अस्थायी है या लंबे समय तक चलने वाला।



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