बिना ओटीपी नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

Jitendra Kumar Sinha
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घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव लागू हो गया है। तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी प्रक्रिया को और सख्त बनाते हुए ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) को अनिवार्य कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को सिलिंडर प्राप्त करने के लिए अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा गया ओटीपी डिलीवरी कर्मी को बताना होगा। बिना ओटीपी सत्यापन के सिलिंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। इस कदम का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जी डिलीवरी पर रोक लगाना और सही उपभोक्ता तक गैस सिलिंडर की सुनिश्चित आपूर्ति करना है।


पिछले कुछ समय से कई इलाकों से शिकायतें मिल रही थीं कि कागजों में सिलिंडर की डिलीवरी दर्ज कर ली जाती है, लेकिन वास्तविक रूप से उपभोक्ता तक गैस नहीं पहुंचती। कहीं डिलीवरी अधूरी रहती थी, तो कहीं सिलिंडर का दुरुपयोग होता था। इन गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन को लागू किया गया है, ताकि डिलीवरी केवल उसी व्यक्ति को मिले जिसके नाम पर कनेक्शन है।


जैसे ही सिलिंडर डिलीवरी के लिए आउट होगा, उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। डिलीवरी कर्मी सिलिंडर देने से पहले ओटीपी पूछेगा। ओटीपी सिस्टम में दर्ज होते ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। यदि ओटीपी नहीं बताया गया, तो सिलिंडर नहीं दिया जाएगा। यह प्रक्रिया देशभर में चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है और मार्च से इसे और सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।


यह नियम देश की सभी प्रमुख तेल विपणन कंपनियों पर समान रूप से लागू होगा, जिनमें Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum Corporation Limited, और Bharat Petroleum Corporation Limited शामिल हैं। यानि चाहे कनेक्शन किसी भी कंपनी का हो, ओटीपी के बिना सिलिंडर मिलना संभव नहीं होगा।


बिना उपभोक्ता की जानकारी के डिलीवरी दर्ज नहीं हो सकेगी। हर सिलिंडर की डिलीवरी का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा। सिलिंडर गलत हाथों में जाने से बचेगा और सब्सिडी वाले सिलिंडर वास्तविक लाभार्थी तक ही पहुंचेंगे। इन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि पंजीकृत मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए। ओटीपी आने के लिए मोबाइल नेटवर्क जरूरी है। सिलिंडर लेते समय स्वयं या परिवार का कोई सदस्य मौजूद हो। किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी बताना जोखिम भरा हो सकता है।


कभी-कभी नेटवर्क या तकनीकी कारणों से ओटीपी देर से या नहीं भी आ सकता है। ऐसी स्थिति में कुछ समय इंतजार करें और फोन नेटवर्क जांचें। डिलीवरी कर्मी से री-ट्रिगर ओटीपी के लिए कहें। जरूरत पड़ने पर अपने गैस एजेंसी या कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करें।


ओटीपी आधारित एलपीजी सिलिंडर डिलीवरी व्यवस्था उपभोक्ताओं के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल गैस वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि फर्जीवाड़े और शिकायतों में भी कमी आएगी। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे इस नई व्यवस्था को समझें, अपने पंजीकृत विवरण सही रखें और डिलीवरी के समय ओटीपी सत्यापन में सहयोग करें। यह छोटा सा कदम रसोई गैस आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।



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