बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आयी है। दरभंगा एयरपोर्ट से संचालित विमान सेवाओं में कटौती की तैयारी शुरू हो गयी है। जानकारी के अनुसार 16 जून से दरभंगा और कोलकाता के बीच चलने वाली सीधी विमान सेवा बंद कर दी जायेगी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब दरभंगा एयरपोर्ट लगातार यात्रियों की बढ़ती संख्या और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का केंद्र बनता जा रहा है। सीधी विमान सेवा बंद होने की खबर से यात्रियों, व्यवसायियों, छात्रों और नियमित यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि इस फैसले से उनकी यात्रा पहले की तुलना में अधिक कठिन और समय लेने वाली हो जाएगी।
केवल कोलकाता ही नहीं, बल्कि हैदराबाद रूट पर भी उड़ानों की संख्या कम की जा रही है। इंडिगो एयरलाइंस द्वारा दरभंगा-हैदराबाद सेवा सप्ताह में तीन दिन बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अब सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को हैदराबाद के लिए कोई विमान सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। हैदराबाद शिक्षा, आईटी और रोजगार के लिहाज से एक महत्वपूर्ण शहर माना जाता है। बड़ी संख्या में बिहार के छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यवसायी वहां आते-जाते हैं। ऐसे में सप्ताह में तीन दिन सेवा बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दरभंगा एयरपोर्ट शुरू होने के बाद से यह मिथिलांचल और आसपास के जिलों के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित हुआ था। पहले लोगों को पटना या अन्य शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन दरभंगा से सीधी उड़ानों ने यात्रा को सरल और सुलभ बना दिया। अब सेवाओं में कटौती की खबर के बाद यात्रियों का कहना है कि सरकार और विमानन कंपनियों को यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। कई यात्रियों का मानना है कि दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में उड़ानें कम करने के बजाय बढ़ायी जानी चाहिए। व्यवसायियों का कहना है कि कोलकाता पूर्वी भारत का एक बड़ा व्यापारिक केंद्र है। वहां की सीधी उड़ान बंद होने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। वहीं छात्रों और मरीजों को भी अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
सूत्रों के अनुसार, विमानन कंपनी नवी मुंबई एयरपोर्ट से नयी उड़ान सेवाएं शुरू करने की तैयारी में लगी हुई है। इसके लिए विभिन्न शहरों से विमानों का पुनर्समायोजन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसी रणनीति के तहत दरभंगा सहित कई शहरों में उड़ानों में बदलाव किया जा रहा है। एयरलाइन कंपनियां अपने संसाधनों का उपयोग व्यावसायिक जरूरतों और मांग के आधार पर करती हैं। लेकिन कई बार ऐसे निर्णय क्षेत्रीय यात्रियों की सुविधाओं पर असर डालते हैं। दरभंगा के मामले में भी यही स्थिति दिखाई दे रही है।
दरभंगा एयरपोर्ट ने शुरू होने के बाद मिथिलांचल क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभायी है। इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान हुई थी। हवाई संपर्क बढ़ने से निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिली थी। यदि लगातार उड़ानों में कटौती होती रही, तो इसका प्रभाव क्षेत्रीय विकास पर भी पड़ सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की रीढ़ मानी जाती है। इसलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि इस मामले में सरकार और संबंधित एजेंसियां हस्तक्षेप करें।
हालांकि अभी यात्रियों को उम्मीद है कि बढ़ते विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए विमानन कंपनी अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है। लोगों का कहना है कि दरभंगा एयरपोर्ट केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि पूरे मिथिलांचल की आकांक्षाओं और विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यात्रियों की नाराजगी और बढ़ती मांग के बीच विमानन कंपनियां और प्रशासन क्या निर्णय लेते हैं। फिलहाल उड़ानों में कटौती की खबर ने यात्रियों की चिंता अवश्य बढ़ा दी है।
