आकाशवाणी पर भोजपुरी की शुरू हुई गूंज - क्षेत्रीय भाषा को मिला मंच

Jitendra Kumar Sinha
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भोजपुरी भाषा बोलने और समझने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण शुरुआत हुई है। आकाशवाणी पटना के प्रादेशिक समाचार एकांश से सोमवार से भोजपुरी समाचार बुलेटिन का प्रसारण शुरू कर दिया गया है। यह कदम केवल एक नई प्रसारण सेवा की शुरुआत नहीं, बल्कि भोजपुरी भाषा और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है। बिहार और पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली भोजपुरी लंबे समय से अपने व्यापक जनाधार के बावजूद मुख्यधारा की सरकारी प्रसारण सेवाओं में सीमित स्थान पा रही थी। ऐसे में आकाशवाणी द्वारा भोजपुरी समाचार सेवा शुरू करना भाषा प्रेमियों के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।


जानकारी के अनुसार, बिहार के विभिन्न आकाशवाणी केंद्रों से प्रतिदिन शाम छह बजकर पांच मिनट पर भोजपुरी समाचार बुलेटिन का प्रसारण किया जाएगा। सोमवार को इसका पहला प्रसारण हुआ, जिसे लेकर श्रोताओं के बीच काफी उत्साह देखने को मिला। समाचार प्रसारण की यह नई पहल उन लोगों के लिए विशेष महत्व रखती है जो अपनी मातृभाषा में देश-दुनिया की खबरें सुनना पसंद करते हैं। इससे न केवल समाचार अधिक सहज तरीके से लोगों तक पहुंचेंगे, बल्कि भाषा के प्रति आत्मीयता भी बढ़ेगी। भोजपुरी क्षेत्र में रेडियो आज भी एक प्रभावी माध्यम माना जाता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। ऐसे में स्थानीय भाषा में समाचार प्रसारण लोगों को और अधिक जोड़ने का काम करेगा।


भोजपुरी समाचार सेवा के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अनेक प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाल्मीकिनगर के सांसद रहे। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में आकाशवाणी के केन्द्राध्यक्ष एच.डी. सिडाम, समाचार प्रमुख अजय कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने इस पहल को भाषा और समाज दोनों के लिए सकारात्मक कदम बताया है। उद्घाटन कार्यक्रम में यह भी कहा गया है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती है, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा और समाज की पहचान भी होती है। ऐसे में भोजपुरी जैसी समृद्ध भाषा को मंच मिलना आवश्यक था।


भोजपुरी केवल बिहार या पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीमित भाषा नहीं है। यह भारत के अलावा नेपाल, मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद एवं टोबैगो तथा कई अन्य देशों में भी बोली और समझी जाती है। अनुमान है कि विश्वभर में करोड़ों लोग भोजपुरी से जुड़े हुए हैं। भोजपुरी सिनेमा, लोकगीत, साहित्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस भाषा को वैश्विक पहचान दिलाई है। हाल के वर्षों में भोजपुरी मनोरंजन उद्योग तेजी से विकसित हुआ है। फिल्मों, गीतों और डिजिटल मंचों पर भोजपुरी सामग्री की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। इसके बावजूद समाचार और सरकारी संचार के क्षेत्र में इसकी उपस्थिति अपेक्षाकृत कम थी। अब आकाशवाणी की यह पहल उस कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


भाषा विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी व्यक्ति को उसकी मातृभाषा में जानकारी मिलती है, तो वह उसे अधिक आसानी और गहराई से समझ पाता है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोग स्थानीय भाषाओं में अधिक सहज होते हैं, वहां इस प्रकार की पहल बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। भोजपुरी समाचार शुरू होने से किसानों, छात्रों, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, नीतियों और समसामयिक घटनाओं की जानकारी सरल भाषा में मिल सकेगी। यह पहल केवल समाचार तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि भाषा के विकास, शब्दावली के विस्तार और नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा से जोड़ने में भी मददगार बन सकती है।


पिछले कुछ वर्षों में देश में क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा, प्रशासन और मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं की भूमिका बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं। आकाशवाणी द्वारा भोजपुरी समाचार की शुरुआत इसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा सकता है। यह निर्णय उन भाषाई समुदायों को भी प्रेरित करेगा जो अपनी मातृभाषा को व्यापक मंच दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।


आकाशवाणी पटना से भोजपुरी समाचार बुलेटिन की शुरुआत केवल प्रसारण जगत की घटना नहीं है, बल्कि भाषा और संस्कृति के सम्मान का प्रतीक है। इससे भोजपुरी भाषी समाज को अपनी भाषा में विश्वसनीय समाचार सुनने का अवसर मिलेगा और भाषा को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। यह पहल आने वाले समय में भोजपुरी के सामाजिक और सांस्कृतिक विस्तार को नई दिशा दे सकती है। मातृभाषा की आवाज जब रेडियो तरंगों पर गूंजती है, तो वह केवल शब्द नहीं है बल्कि समाज की पहचान और आत्मा को भी स्वर देती है।



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