बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर राष्ट्रीय खेल गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रही है। एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से बिहार राज्य कबड्डी संघ की मेजबानी में 24 से 26 मई 2026 तक राष्ट्रीय कबड्डी तकनीकी पदाधिकारी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 27 से 29 मई तक रिफ्रेशर कोर्स भी आयोजित होगा। यह कार्यक्रम कदमकुआं स्थित होटल अशोका रेजिडेंसी में संपन्न होगा। इस आयोजन को लेकर कबड्डी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों के बीच उत्साह का माहौल है।
भारत का पारंपरिक खेल कबड्डी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। प्रो कबड्डी लीग जैसी प्रतियोगिताओं ने इस खेल को नई लोकप्रियता दी है। ऐसे समय में तकनीकी अधिकारियों और रेफरी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। खेल के नियमों की सही समझ, निष्पक्ष निर्णय और आधुनिक तकनीकी प्रक्रियाओं का ज्ञान किसी भी प्रतियोगिता की सफलता के लिए जरूरी होता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय कबड्डी तकनीकी पदाधिकारी परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा के माध्यम से नए तकनीकी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा तथा अनुभवी अधिकारियों को आधुनिक नियमों और तकनीकी बदलावों की जानकारी दी जाएगी।
बिहार राज्य कबड्डी संघ लगातार राज्य में कबड्डी के विकास के लिए कार्य कर रहा है। संघ के चेयरमैन कुमार विजय सिंह ने बताया कि यह आयोजन बिहार के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार इस परीक्षा और रिफ्रेशर कोर्स से राज्य के तकनीकी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि कबड्डी अब केवल ग्रामीण खेल नहीं रह गया है, बल्कि यह एक पेशेवर खेल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित और दक्ष तकनीकी अधिकारियों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
तीन दिवसीय परीक्षा कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कबड्डी के तकनीकी नियमों, मैच संचालन, रेफरी संकेतों, स्कोरिंग प्रणाली और अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा खेल के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिल परिस्थितियों में सही निर्णय लेने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। रिफ्रेशर कोर्स में पहले से कार्यरत तकनीकी अधिकारियों और रेफरी को नए नियमों तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों से अवगत कराया जाएगा। इसमें आधुनिक कबड्डी संचालन, वीडियो विश्लेषण, फिटनेस मानक और खेल प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी अधिकारियों की गुणवत्ता बेहतर होने से खिलाड़ियों को भी निष्पक्ष और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा, जिससे खेल का स्तर ऊंचा होगा।
इस आयोजन में देशभर से प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी पदाधिकारी के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। इससे युवाओं के लिए खेल क्षेत्र में करियर की नई संभावनाएं भी खुलेगी। कबड्डी से जुड़े प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम खेल संस्कृति को मजबूत करते हैं। इससे खेल में पारदर्शिता बढ़ती है और प्रतियोगिताओं का संचालन अधिक पेशेवर तरीके से हो पाता है।
बिहार राज्य कबड्डी संघ ने इच्छुक प्रतिभागियों से समय पर आवेदन करने की अपील की है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई निर्धारित की गई है। आयोजकों के अनुसार सीमित सीटों को देखते हुए समय रहते पंजीकरण कराना जरूरी होगा। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिभागियों को कार्यक्रम के दौरान आवश्यक अध्ययन सामग्री और तकनीकी दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे उन्हें परीक्षा और प्रशिक्षण को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
पटना में होने वाला यह राष्ट्रीय आयोजन केवल एक परीक्षा या प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे राज्य के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। आज जब भारत में खेलों को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है, तब ऐसे कार्यक्रम खेल प्रशासन और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह आयोजन कबड्डी के विकास को नई गति देगा और बिहार को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाएगा।
