गया सेना भर्ती कार्यालय ने अग्निवीर भर्ती वर्ष 2026 के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (सीईई) की तिथियों की घोषणा कर दी है। यह परीक्षा आगामी 1 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित की जायेगी। इस घोषणा के बाद दक्षिण बिहार के युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना देखने वाले हजारों अभ्यर्थी अब अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट गये हैं। सेना भर्ती कार्यालय के अनुसार इस बार दक्षिण बिहार के 11 जिलों से कुल 38,040 युवाओं ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। इतनी बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि युवाओं के बीच भारतीय सेना में शामिल होने का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती होने का अवसर युवाओं के लिए रोजगार, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।
गया सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 11 जिलों के युवा इस परीक्षा में भाग लेंगे। इनमें कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और जमुई जिले शामिल हैं। इन जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों से बड़ी संख्या में युवाओं ने आवेदन किया है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सेना भर्ती को सम्मानजनक करियर माना जाता है। कई परिवारों में पीढ़ियों से सेना में सेवा देने की परंपरा रही है, जिसके कारण युवाओं में देशभक्ति और सैन्य सेवा के प्रति विशेष आकर्षण देखा जाता है।
अग्निवीर भर्ती योजना युवाओं को चार वर्षों तक सेना में सेवा देने का अवसर प्रदान करती है। इस दौरान उन्हें सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों की जानकारी, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मौका मिलता है। सेवा अवधि पूरी होने के बाद युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सेना में प्राप्त प्रशिक्षण युवाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाता है। यही कारण है कि बिहार जैसे राज्यों में अग्निवीर भर्ती के प्रति युवाओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। इस परीक्षा में सफल होने के लिए अभ्यर्थी शारीरिक तैयारी के साथ-साथ लिखित परीक्षा की तैयारी में भी जुटे हुए हैं।
परीक्षा की घोषणा के साथ ही गया सेना भर्ती कार्यालय और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने को देखते हुए प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय पर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचें। साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ लेकर आयें। परीक्षा के दौरान अनुशासन और पारदर्शिता बनाये रखने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था भी की जा रही है।
परीक्षा की तिथि घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारी और तेज कर दी है। कई युवा सुबह-शाम दौड़, व्यायाम और लिखित परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। कोचिंग संस्थानों में भी अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ गयी है। गया, नवादा, औरंगाबाद और रोहतास जैसे जिलों में युवाओं के बीच सेना भर्ती को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भारतीय सेना में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात होगी। कई युवाओं ने बताया कि वे बचपन से ही सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा करने का सपना देखते आये हैं।
अग्निवीर भर्ती केवल नौकरी का माध्यम नहीं बल्कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की भावना विकसित करने का भी अवसर है। बिहार के युवाओं ने हमेशा सेना में अपनी बहादुरी और समर्पण का परिचय दिया है। ऐसे में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर पूरे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युवा पूरी मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ तैयारी करें तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त की जा सकती है। सेना भर्ती परीक्षा न केवल युवाओं के करियर को दिशा देती है बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का अवसर भी प्रदान करती है।
गया में 1 जून से शुरू होने वाली अग्निवीर भर्ती परीक्षा दक्षिण बिहार के हजारों युवाओं के सपनों से जुड़ी हुई है। 38 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का पंजीकरण इस बात का प्रमाण है कि युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण और देशसेवा की भावना मजबूत है। अब सभी की नजरें परीक्षा और उसके परिणामों पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह परीक्षा कई युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।
