प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जयपुर स्थित भाजपा शहर जिला कार्यालय में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, योजनाओं और विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पिछले 12 वर्षों में देश में हुए व्यापक परिवर्तन पर प्रकाश डाला। शेखावत ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि नए भारत की बदलती तस्वीर का प्रमाण है।
वर्ष 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, आधुनिक रेलवे स्टेशनों का निर्माण, नए एयरपोर्ट, मेट्रो परियोजनाएं तथा बंदरगाहों का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना और राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन जैसी पहल ने विकास परियोजनाओं को गति प्रदान की है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और इंटरनेट जैसी सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से हुआ है। इससे गांवों और शहरों के बीच की दूरी कम हुई है तथा आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिला है।
मोदी सरकार की पहचान जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण भी बनी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार आया। आयुष्मान भारत योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को पक्के घर मिले हैं। जल जीवन मिशन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने का अभियान भी तेजी से आगे बढ़ा है। इन योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने के लक्ष्य को मजबूत किया है।
पिछले 12 वर्षों में भारत ने डिजिटल क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया गया, जिससे पारदर्शिता और सुगमता बढ़ी है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने डिजिटल भुगतान की व्यवस्था को क्रांतिकारी रूप से बदल दिया है। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान नेटवर्क वाले देशों में शामिल है। आधार, डिजिटल दस्तावेज़, ऑनलाइन सेवाएं और ई-गवर्नेंस की पहल ने नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाई है। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग ने भ्रष्टाचार को कम करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि भी मजबूत हुई है। विभिन्न वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका पहले की तुलना में अधिक प्रभावशाली हुई है। जी-20 की अध्यक्षता, अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक पहल और वैश्विक मुद्दों पर भारत की सक्रिय भागीदारी ने देश की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई प्रदान की है। विदेश नीति के क्षेत्र में भारत ने अनेक देशों के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत किया है। इसके परिणामस्वरूप निवेश, व्यापार और तकनीकी सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं।
कोविड-19 महामारी के बाद आत्मनिर्भर भारत अभियान को विशेष महत्व दिया गया। सरकार ने विनिर्माण, रक्षा उत्पादन, स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए। मेक इन इंडिया अभियान के तहत देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया। भारत आज रक्षा उपकरणों के निर्माण और निर्यात के क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है। मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के प्रयास भी जारी हैं।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदर्शनी के दौरान कहा कि पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियां केवल शुरुआत हैं। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
मोदी सरकार के 12 वर्ष भारतीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखे जा रहे हैं। विकास, सुशासन, डिजिटल क्रांति, जनकल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्रों में किए गए कार्यों ने देश की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित किया है। जयपुर में आयोजित प्रदर्शनी इन उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का एक माध्यम बनी, जिसने पिछले एक दशक में हुए परिवर्तन की झलक प्रस्तुत की। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों की सफलता भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को और मजबूत करेगी।
