प्लेन में खास रोशनी से मिटेगी लंबी उड़ानों की थकान

Jitendra Kumar Sinha
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हवाई यात्रा ने दुनिया को पहले से कहीं अधिक करीब ला दिया है, लेकिन लंबी दूरी की उड़ानों में यात्रियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें सबसे बड़ी समस्या है जेट लैग, यानी शरीर की जैविक घड़ी का गड़बड़ा जाना। अब ऑस्ट्रेलिया की विमानन कंपनी क्वांटास एयरवेज इस समस्या का वैज्ञानिक समाधान लेकर आ रही है। कंपनी अक्तूबर 2027 से सिडनी से लंदन और न्यूयॉर्क के लिए दुनिया की सबसे लंबी सीधी उड़ानें शुरू करेगी। लगभग 20 से 22 घंटे तक चलने वाली इन उड़ानों में यात्रियों को आरामदायक अनुभव देने के लिए विशेष प्रकार की प्रकाश व्यवस्था यानि ‘मूड लाइटिंग’ का उपयोग किया जाएगा।


क्वांटास एयरवेज की यह परियोजना विमानन उद्योग में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सिडनी से लंदन और न्यूयॉर्क तक बिना रुके उड़ान भरना तकनीकी और मानवीय दोनों दृष्टियों से चुनौतीपूर्ण है। इतनी लंबी यात्रा में यात्रियों को थकान, नींद की समस्या, मानसिक तनाव और समय क्षेत्र बदलने से उत्पन्न असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एयरलाइन ने विमान के अंदर ऐसा वातावरण तैयार करने की योजना बनाई है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान कम से कम थकान महसूस हो और वे अपने गंतव्य पर अपेक्षाकृत तरोताजा पहुंच सके।


जेट लैग एक ऐसी स्थिति है जो तब उत्पन्न होती है जब कोई व्यक्ति कम समय में कई टाइम जोन पार कर लेता है। हमारे शरीर में एक जैविक घड़ी होती है जो दिन-रात के चक्र के अनुसार काम करती है। जब हम अचानक किसी दूसरे समय क्षेत्र में पहुंचते हैं, तो शरीर को नए समय के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है। इसके कारण थकान, सिरदर्द, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, भूख में बदलाव और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह समस्या अधिक गंभीर हो जाती है।


क्वांटास के विमानों में 14 प्रकार की विशेष मूड लाइटिंग लगाई जाएगी। यह केवल सजावट के लिए नहीं होगी, बल्कि यात्रियों की जैविक घड़ी को नियंत्रित करने में मदद करेगी। विमान के अंदर रोशनी को इस प्रकार बदला जाएगा कि यात्रियों को सूर्योदय, दिन का उजाला, शाम और सूर्यास्त जैसा अनुभव हो। अलग-अलग समय पर प्रकाश का रंग और तीव्रता बदली जाएगी, जिससे शरीर को यह संकेत मिलेगा कि कब जागना है और कब आराम करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रकाश मानव शरीर के हार्मोन, विशेषकर मेलाटोनिन के उत्पादन को प्रभावित करता है। यही हार्मोन हमारी नींद और जागने के चक्र को नियंत्रित करता है। इसलिए सही समय पर सही प्रकार की रोशनी यात्रियों को बेहतर नींद लेने और जेट लैग कम करने में मदद कर सकती है।


पिछले कुछ वर्षों में विमानन उद्योग यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान और तकनीक का अधिक उपयोग कर रहा है। आधुनिक विमानों में बेहतर वायु गुणवत्ता, कम शोर, अधिक आर्द्रता और आरामदायक सीटों जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। अब प्रकाश विज्ञान का उपयोग करके यात्रियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शोध बताते हैं कि नियंत्रित प्रकाश व्यवस्था लोगों के मूड, ऊर्जा स्तर और नींद की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। क्वांटास की यह पहल इसी वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है और इसे लंबी दूरी की हवाई यात्रा के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है।


विशेष प्रकाश व्यवस्था के अलावा विमान में यात्रियों की सुविधा के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। भोजन का समय, मनोरंजन कार्यक्रम और आराम की अवधि को भी इस तरह निर्धारित किया जाएगा कि वे यात्रियों की जैविक घड़ी के अनुरूप हो। इससे यात्रियों को न केवल यात्रा के दौरान बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि गंतव्य पर पहुंचने के बाद उन्हें नए समय क्षेत्र में खुद को ढालने में भी कम परेशानी होगी। व्यापारिक यात्रियों और लंबे अंतरराष्ट्रीय सफर करने वाले लोगों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभदायक साबित हो सकती है।


विमानन उद्योग लगातार यात्रियों की जरूरतों और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नए प्रयोग कर रहा है। एक समय था जब लंबी उड़ानों का मतलब केवल सीट और भोजन की सुविधा तक सीमित था, लेकिन अब यात्रियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। क्वांटास एयरवेज की यह नई पहल दिखाती है कि भविष्य की हवाई यात्राएं केवल तेज और सुविधाजनक ही नहीं, बल्कि अधिक स्वास्थ्य-अनुकूल भी होगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में दुनिया की अन्य एयरलाइंस भी ऐसी तकनीकों को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।


दुनिया की सबसे लंबी सीधी उड़ानों को आरामदायक बनाना आसान काम नहीं है। लेकिन विशेष मूड लाइटिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से क्वांटास एयरवेज यात्रियों को एक नया अनुभव देने की तैयारी कर रही है। यह पहल केवल यात्रा को सुखद बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विज्ञान और तकनीक की मदद से मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का भी प्रयास है। आने वाले समय में यह नवाचार हवाई यात्रा के स्वरूप को पूरी तरह बदल सकता है और जेट लैग जैसी समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकता है।



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