देशभर में NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी। देर रात जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल एक अपराध नहीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों और उनके परिवारों के सपनों पर सीधा हमला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके और छात्रों को वर्षों तक न्याय का इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही केंद्र सरकार संसद में और अधिक सख्त एंटी-पेपर लीक कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कठोर दंड और तेज न्यायिक प्रक्रिया का प्रावधान होगा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हाल की घटनाओं से लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक पीड़ा हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने की व्यवस्था की, ताकि उनका एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। उन्होंने छात्रों से भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में छात्र संगठन और विभिन्न सामाजिक समूह परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, जिसे उन्होंने केंद्र सरकार से आश्वासन मिलने के बाद समाप्त किया। इसके बावजूद छात्रों का कहना है कि जब तक ठोस सुधार लागू नहीं होते, उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश के अंत में दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना है और जो लोग परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करेंगे, उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। अब देशभर के छात्रों और अभिभावकों की निगाहें संसद पर टिकी हैं, जहां सरकार द्वारा प्रस्तावित नए कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट से जुड़े फैसलों पर आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है।
