नौ हजार शाखा डाकघरों में लागू हुई ‘अपना फोन’ योजना

Jitendra Kumar Sinha
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ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं को अधिक तेज, सरल और डिजिटल बनाने की दिशा में डाक विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। संचार मंत्रालय, भारत सरकार ने ‘ब्रिंग योर ओन डिवाइस’ (BYOD) यानि ‘अपना फोन’ योजना का विस्तार सभी शाखा डाकघरों तक कर दिया है। इसके तहत अब बिहार के करीब नौ हजार शाखा डाकघरों में काम करने वाले कर्मचारी अपने निजी एंड्रॉयड मोबाइल फोन का इस्तेमाल आधिकारिक कार्यों के लिए कर सकेंगे। इस फैसले से ग्रामीण डाक व्यवस्था में डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। खास तौर पर उन शाखा डाकघरों को इसका लाभ मिलेगा, जहां विभाग की ओर से अब तक स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।


नई व्यवस्था का लाभ शाखा डाकघरों में काम करने वाले विभिन्न स्तर के कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डिलिवरी कर्मी शामिल हैं। ये कर्मचारी निर्धारित आधिकारिक कार्यों के लिए अपने निजी एंड्रॉयड फोन का उपयोग कर सकेंगे। ग्रामीण डाकघरों में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों को डाक, पार्सल, वित्तीय और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। डिजिटल माध्यम से काम होने पर कई प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम हो सकता है। इससे कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।


‘अपना फोन’ योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कर्मचारियों को विभाग की ओर से स्मार्टफोन मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) या डाक विभाग की ओर से इन कर्मचारियों को स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में निजी एंड्रॉयड फोन को आधिकारिक कार्यों में इस्तेमाल करने की अनुमति मिलने से डिजिटल कामकाज को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। खासकर दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


भारत में डाकघर अब केवल चिट्ठी और मनीऑर्डर तक सीमित नहीं रह गए हैं। डाक विभाग लगातार डिजिटल बैंकिंग, पार्सल, आधार से जुड़ी सेवाओं, भुगतान और अन्य नागरिक-केंद्रित सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है। शाखा डाकघर इस पूरी व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, क्योंकि गांवों में बड़ी आबादी तक सरकारी और वित्तीय सेवाओं की पहुंच इन्हीं के माध्यम से होती है। ऐसे में कर्मचारियों को डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल की सुविधा मिलने से ग्रामीण डाक व्यवस्था और मजबूत हो सकती है।


निजी एंड्रॉयड फोन के इस्तेमाल से डाककर्मियों के लिए कई डिजिटल प्रक्रियाओं को मौके पर ही पूरा करना आसान हो सकता है। इससे कागजी प्रक्रिया में कमी आने और सूचनाओं के तेजी से आदान-प्रदान में मदद मिल सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक वितरण के दौरान भी मोबाइल आधारित डिजिटल कार्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। डाककर्मी अगर आवश्यक आधिकारिक एप और डिजिटल प्रणालियों का उपयोग अपने फोन से कर सकेंगे तो सेवा वितरण की गति बढ़ने की संभावना है।


निजी मोबाइल फोन के इस्तेमाल की अनुमति के साथ डाटा सुरक्षा और आधिकारिक सूचनाओं की गोपनीयता भी महत्वपूर्ण होगी। कर्मचारियों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही मोबाइल का इस्तेमाल करना होगा। आधिकारिक एप, लॉगिन, ग्राहक संबंधी जानकारी और अन्य संवेदनशील डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक होगा। इसलिए BYOD व्यवस्था केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा और डाटा संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा।


बिहार में करीब नौ हजार शाखा डाकघरों तक इस योजना का विस्तार ग्रामीण डाक नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे डिजिटल सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है और शाखा डाकघर आधुनिक तकनीक से और अधिक जुड़ सकेंगे। ‘अपना फोन’ योजना का उद्देश्य यही है कि संसाधनों की कमी डिजिटल सेवाओं की राह में बाधा न बने। यदि इस व्यवस्था का सुरक्षित और प्रभावी तरीके से संचालन किया जाता है तो आने वाले समय में ग्रामीण डाक सेवाओं में तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ सकता है। इससे गांवों के लोगों को तेज, सुविधाजनक और डिजिटल डाक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नई गति मिलने की उम्मीद है।



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