शुभ संयोग में पड़ रहा हरितालिका तीज

Jitendra Kumar Sinha
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सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष आस्था और श्रद्धा का पर्व हरितालिका तीज इस बार बेहद शुभ संयोग में पड़ रहा है। तीज व्रत को लेकर महिलाओं में अभी से उत्साह दिखाई देने लगा है। बाजारों में भी पर्व की तैयारी शुरू हो गयी है। सुहाग सामग्री, साड़ियों, आभूषणों, मेहंदी और पूजा सामग्री की दुकानों पर चहल-पहल बढ़ने लगी है।


ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष हरितालिका तीज का पर्व सोमवार को पड़ रहा है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। ऐसे में तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस शुभ संयोग में विधि-विधान से व्रत और पूजन करने से महिलाओं को विशेष फल की प्राप्ति होती है। हरितालिका तीज मुख्य रूप से अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और पति की दीर्घायु की कामना से रखा जाता है। महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। कई स्थानों पर कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना से यह व्रत रखती हैं।


महंत और ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस बार तीज व्रत के दौरान विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। पूजा के समय चित्रा नक्षत्र और ब्रह्म योग का संयोग रहेगा। धार्मिक दृष्टि से शुभ नक्षत्र और योग में देवी-देवताओं की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते समय व्रतियों को श्रद्धा, संयम और शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा में शिव-पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर विधिवत पूजन, श्रृंगार और आरती की जाती है। इसके बाद व्रत कथा का श्रवण भी शुभ माना जाता है।


हरितालिका तीज महिलाओं के प्रमुख पर्वों में शामिल है। इस दिन सुहागिन महिलाएं नए वस्त्र धारण करती हैं और सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। पूजा में माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी धार्मिक कथा से हरितालिका तीज की परंपरा जुड़ी हुई है। इसलिए इस दिन शिव-पार्वती की पूजा कर महिलाएं अपने दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख, समृद्धि और स्थायित्व की कामना करती हैं।


तीज को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। महिलाएं खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने लगी हैं। चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर, साड़ी, आभूषण और सुहाग सामग्री की दुकानों पर विशेष तैयारी की जा रही है। वहीं पूजा सामग्री की दुकानों पर भी तीज से संबंधित सामान सजाये जाने लगे हैं। कई बाजारों में आकर्षक डिजाइन की चूड़ियां और पारंपरिक परिधानों की नई रेंज उपलब्ध है। मेहंदी लगाने वालों के यहां भी पर्व से पहले बुकिंग शुरू हो गयी है। तीज के अवसर पर महिलाएं एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने के साथ पर्व की तैयारियों में जुट गयी हैं।


हरितालिका तीज केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि भारतीय पारिवारिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर भी है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करती हैं। परिवार की सुख-शांति और दांपत्य जीवन की मंगलकामना के साथ किया जाने वाला यह व्रत महिलाओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। शुभ सोमवार, चित्रा नक्षत्र और ब्रह्म योग के संयोग ने इस वर्ष हरितालिका तीज की धार्मिक महत्ता को और बढ़ा दिया है। यही वजह है कि व्रत को लेकर महिलाओं में उत्साह के साथ-साथ बाजारों में भी पर्व की तैयारियां तेज हो गयी हैं।


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