जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हिंदू पर्यटकों की निर्मम हत्या के बाद, भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया — पाकिस्तान के नागरिकों के वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। इस आदेश को बिहार में सख्ती से लागू किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि "अब बिहार में एक भी पाकिस्तानी नागरिक नहीं रुकेगा। शीघ्र कार्रवाई होगी।"
सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है, जो 27 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। बिहार सरकार ने भी राज्य में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर ली है और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत डिपोर्ट किया जाएगा।
"वीजा रद्द हो चुका है। अब बिहार में किसी भी पाकिस्तानी के रहने का प्रश्न ही नहीं उठता। जो आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी," उपमुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा।
"यह राजनीति का समय नहीं, एकता का समय है"
चौधरी ने कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला पूरे भारत पर हमला है। यह दुख और आक्रोश का समय है, और पूरे देश को एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों को चेतावनी दी कि इस राष्ट्रीय संकट पर राजनीति करने का प्रयास न करें।
उन्होंने कहा, "जब बिहार की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है, तब बिहार भी हर मोर्चे पर उनके साथ खड़ा रहेगा।"
शिमला समझौता समाप्त, अब "सीमा के भीतर घुसकर" बदला
सम्राट चौधरी ने पाकिस्तान द्वारा शिमला समझौते को रद्द किए जाने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिमला समझौता अब अतीत का हिस्सा बन चुका है, और इसका अर्थ यह है कि "एलएसी (Line of Actual Control) जैसी कोई सीमा अब बाधक नहीं है। अब भारत पाकिस्तान की धरती में घुसकर अपने शहीदों का बदला लेगा।"
यह नया भारत है। अब जवाब भी नया होगा।
