एलपीजी सिलिंडर प्राप्त करने के लिए अब ई-केवाइसी अनिवार्य कर दिया गया है। 30 जून, 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले उपभोक्ताओं का गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा और उन्हें सिलिंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
ई-केवाइसी यानि इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर एक डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया है, जिसमें उपभोक्ता की पहचान को आधार कार्ड और बायोमैट्रिक सिस्टम के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है। यह कदम फर्जी कनेक्शन रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है।
बिहार एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव डॉ. रामनरेश सिन्हा ने बताया है कि अब सभी उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन को आधार से लिंक करना जरूरी है। साथ ही, गैस की होम डिलिवरी के समय 'डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC)' दिखाना अनिवार्य होगा। 30 जून तक ई-केवाइसी नहीं कराने पर गैस कनेक्शन निष्क्रिय कर दिया जाएगा। ऑनलाइन बुकिंग बंद हो जायेगा। सिलिंडर की आपूर्ति रोक दी जाएगी।
पटना जिला की स्थिति पर नजर डालें तो अब तक सिर्फ 60% उपभोक्ताओं ने ही ई-केवाइसी की प्रक्रिया पूरी की है, जबकि यह नियम पिछले एक वर्ष से लागू है। शेष 40% लोग अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं, जो कि चिंता का विषय है।
ई-केवाइसी कराने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी नजदीकी गैस एजेंसी पर जाना होगा और साथ लाने होंगे, आधार कार्ड, गैस पासबुक या उपभोक्ता डायरी, मोबाइल फोन। वहां बायोमैट्रिक सिस्टम के जरिए आपकी पहचान सत्यापित किया जाएगा और ई-केवाइसी पूरा किया जाएगा।
अब जब भी गैस सिलिंडर की होम डिलिवरी करवाएंगे, तो आपके मोबाइल पर एक डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आएगा। सिलिंडर प्राप्त करने के लिए यह कोड डिलिवरी मैन को दिखाना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया उपभोक्ता और विक्रेता दोनों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
