अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना के बाद एयर इंडिया पर डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने कड़ा रुख अपनाया है। DGCA ने एयर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया है। ये अधिकारी एयरलाइन के क्रू शेड्यूलिंग और प्लानिंग विभाग से जुड़े हुए थे।
जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनमें डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट, चीफ मैनेजर (क्रू शेड्यूलिंग) और एक क्रू प्लानिंग एसोसिएट शामिल हैं। DGCA ने जांच में पाया कि एयर इंडिया में क्रू ड्यूटी के नियमों का बार-बार उल्लंघन हो रहा था। पायलटों को ड्यूटी के बाद पर्याप्त विश्राम नहीं मिल रहा था और उन्हें तय सीमा से अधिक घंटों तक उड़ान भरने के लिए लगाया जा रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया ने पिछले कुछ महीनों में अपने क्रू मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर को बदला था। पुराने सिस्टम से नए सिस्टम में बदलाव के दौरान कई तरह की अनियमितताएं देखने को मिलीं। DGCA ने इसे “सिस्टमेटिक फेल्योर” कहा है और इसे गंभीर उड़ान सुरक्षा उल्लंघन माना है।
डीजीसीए ने इस मामले में एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन को भी कारण बताओ नोटिस भेजा है और सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं होता, तो आगे की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
DGCA का कहना है कि यह कार्रवाई प्लेन क्रैश की सीधी प्रतिक्रिया नहीं है, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए उठाया गया कदम है। एयर इंडिया की ओर से कहा गया है कि वह DGCA के निर्देशों का पालन करेगी और आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
यह कार्रवाई भारतीय उड्डयन उद्योग के लिए एक चेतावनी के तौर पर देखी जा रही है कि सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
