जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया जिस दिशा में बढ़ रही है, वह बेहद चिंताजनक है और इस संघर्ष को जल्द से जल्द रोका जाना चाहिए। गांदरबल जिले में मीडिया से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह केवल यही उम्मीद और प्रार्थना कर सकते हैं कि यह जंग आगे न बढ़े और शांति बहाल हो।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि ईरान अभी परमाणु हथियारों से काफी दूर है। फिर भी अगर इजरायल ने ईरान पर हमला किया है तो इसका मतलब है कि इसमें कोई राजनीतिक रणनीति या उद्देश्य भी शामिल हो सकता है। उमर अब्दुल्ला ने दो टूक कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था और इस तरह के कदमों से हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।
उन्होंने दुनिया भर के नेताओं से अपील की कि वे बातचीत और कूटनीति के जरिए इस गंभीर मसले का समाधान निकालें, क्योंकि युद्ध से किसी को भी फायदा नहीं होगा। उनका मानना है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ता है, तो इसके असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ेगा। उन्होंने भारत सरकार से भी आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर अपनी भूमिका निभाए और शांति की दिशा में कदम उठाए।
उमर अब्दुल्ला की इस अपील को एक ज़िम्मेदार राजनेता की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि जब पूरी दुनिया पहले से ही कई संकटों से जूझ रही है, ऐसे में एक और युद्ध हालात को और भयावह बना सकता है।
