गुवाहाटी से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6764 ने गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मचा दिया जब पायलट ने ‘फ्यूल मेडे’ घोषित कर दिया। यह एयरबस A321 विमान उड़ान के दौरान चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंड करने वाला था, लेकिन तकनीकी कारणों से उसे ‘गो-अराउंड’ करना पड़ा यानी रनवे को छूने के बावजूद उसे दोबारा हवा में उठना पड़ा। इस प्रक्रिया में ईंधन काफी कम हो गया, जिससे पायलट ने आपात स्थिति में ‘फ्यूल मेडे’ कॉल किया।
मामला बेहद संवेदनशील था क्योंकि जब ‘फ्यूल मेडे’ कॉल किया जाता है, तब इसका मतलब होता है कि विमान के पास अब और देर करने की गुंजाइश नहीं है और उसे तुरंत लैंडिंग करनी जरूरी है। इसके बाद विमान को बेंगलुरु की ओर मोड़ा गया जहां उसने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की।
विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। यात्रियों को बेंगलुरु में विमान से उतारकर विमान को रिफ्यूल किया गया और उसके बाद उसे फिर से चेन्नई के लिए रवाना किया गया, जहां यह रात करीब 10:24 बजे पहुंचा।
इंडिगो की ओर से इस घटना को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि पायलटों ने मौजूदा नियमों के तहत उचित निर्णय लिया और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। हालांकि, कंपनी ने दोनों पायलटों को फिलहाल ड्यूटी से हटा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में हाल के दिनों में विमानन सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं। अहमदाबाद में एयर इंडिया की दुर्घटना और अन्य तकनीकी खराबियों के चलते DGCA पहले ही एयरलाइनों पर सख्त रुख अपना चुका है। इस ‘फ्यूल मेडे’ कॉल ने एक बार फिर भारत की विमानन प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
