तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा में बेहद गंभीर आरोप लगाए कि उनकी जान को खतरा है और अगर कोई चाहे तो सदन में ही बंदूक निकालकर उन्हें गोली मार सकता है। यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब विधानसभा में भारी हंगामा हो रहा था और विपक्ष व सत्ता पक्ष आमने-सामने थे।
तेजस्वी का आरोप था कि विधानसभा जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं और कोई भी हथियार लेकर अंदर आ सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार और विधानसभा प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया, यह कहते हुए कि अगर किसी विधायक की जान को खतरा है और फिर भी कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं होते, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
तेजस्वी के बयान ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है। उन्होंने यह भी मांग की कि विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि ऐसी स्थिति क्यों बनी जिसमें एक नेता को अपनी जान का सार्वजनिक तौर पर खतरा महसूस हुआ।
