बेंगलुरु से वाराणसी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1086 में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक यात्री ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। यह यात्री पहली बार हवाई यात्रा कर रहा था और उसका कहना है कि उसने कॉकपिट को टॉयलेट समझ लिया था। उसने दरवाजे पर लगे कीपैड में कुछ नंबर भी दबाए और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सही पासकोड डाल दिया गया था। हालांकि, पायलट ने दरवाजा खोलने की अनुमति नहीं दी और तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। इस यात्री के साथ सात अन्य लोग भी मौजूद थे।
फ्लाइट वाराणसी लैंड करने के बाद सभी को CISF के हवाले कर दिया गया। इस मामले को लेवल-3 अनरूली बिहेवियर की श्रेणी में रखा गया है, जो विमान की सुरक्षा प्रणालियों से छेड़छाड़ जैसी स्थिति में आता है। ऐसे मामलों में यात्रियों पर दो साल से लेकर आजीवन नो-फ्लाई बैन तक लग सकता है। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह से सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की चूक नहीं हुई। इस घटना ने विमान सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर इस बात पर कि पासकोड यात्री को कैसे पता चला या उसने किस तरह उसे सही दर्ज किया। हालांकि, पायलट और क्रू की सतर्कता से स्थिति नियंत्रण में रही और किसी बड़ी अनहोनी से बचाव हो गया।
