पंचायत स्तर पर मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

Jitendra Kumar Sinha
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राज्य में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम पहल शुरू हो चुकी है। पंचायत स्तर पर 352 ग्रामीण अस्पताल भवनों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) के निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया गया है। इन अस्पतालों के बन जाने से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी। सरकार का लक्ष्य है कि यह सभी अस्पताल छह माह के भीतर बनकर तैयार हो जाएं।


इन ग्रामीण अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और सुरक्षित प्रसव जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अब महिलाओं को छोटी-छोटी स्वास्थ्य जरूरतों के लिए जिला या अनुमंडल अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।


ग्रामीण अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ 126 प्रकार की मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम ग्रामीण आबादी के लिए राहत लेकर आएगा।


इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निर्माण 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत कराया जा रहा है। योजना के अनुसार, इन्हें विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित किया जा रहा है ताकि क्षेत्रीय संतुलन बना रहे और अधिकतम आबादी को लाभ मिल सके। यह पहल केंद्र और राज्य के सहयोग से स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का उदाहरण है।


जिलों के अनुसार, अस्पतालों के निर्माण का आंकड़ा भी तय किया गया है। सीवान जिला में सबसे अधिक 55 ग्रामीण अस्पताल बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बांका में 28, मुजफ्फरपुर में 25, दरभंगा में 22, जबकि भागलपुर और गया में 21-21 अस्पताल बनेगा। अन्य जिलों में अरवल में 11, भोजपुर में 12, बेगूसराय में 10, जमुई में 10, जहानाबाद में 11, कैमूर में 6 और बक्सर में 3 ग्रामीण अस्पताल प्रस्तावित हैं।


इन अस्पतालों के निर्माण से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं गांवों तक पहुंचेंगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। कुल मिलाकर, यह योजना ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधा, तीनों को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।



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