भारतीय रेलवे ने यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। रेलवे के नए एलान के अनुसार, “रेलवन (RailOne) एप” के जरिए अनारक्षित (जनरल) टिकट बुक करने पर यात्रियों को किराये में 3% की छूट मिलेगी। यह सुविधा 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक, यानि पूरे छह महीनों के लिए लागू रहेगी।
रेल मंत्रालय के निर्देश पर यह ऑफर पूरे देश में लागू किया जा रहा है। रेलवे ने इसके लिए ‘सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (CRIS) को सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने का निर्देश भी दे दिया है।
खास बात यह है कि यह छूट केवल किसी एक भुगतान माध्यम तक सीमित नहीं है। यात्री यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या आर-वॉलेट, किसी भी डिजिटल मोड से भुगतान कर इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।
पूर्व मध्य रेलवे (पूमरे) की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल माध्यम से टिकट खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना और नकद लेन-देन को कम करना है।
उन्होंने कहा है कि इस पहल से रेलवे काउंटरों पर भीड़ कम होगी, टिकट लेने की प्रक्रिया आसान होगी और यात्रियों का समय बचेगा। साथ ही, रेलवे को डिजिटल ट्रांजैक्शन के माध्यम से अधिक पारदर्शिता और बेहतर डेटा प्रबंधन में मदद मिलेगी।
“रेलवन एप” को भारतीय रेलवे ने एक “वन-स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित किया है। इस एप के जरिए यात्रियों को ट्रेन यात्रा से जुड़ी लगभग सभी सुविधाएं एक ही मंच पर मिलती हैं।
रेलवन एप के माध्यम से आरक्षित, अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग। ट्रेन की लाइव लोकेशन और रनिंग स्टेटस। पीएनआर स्टेटस और कोच पोजिशन की जानकारी। ऑनबोर्ड भोजन बुकिंग। शिकायत या सुझाव दर्ज करने की सुविधा और पार्सल ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी, प्राप्त किया जा सकता है।
“रेलवन एप” का इंटरफेस बेहद सरल और यूजर-फ्रेंडली है, जिसके तकनीक से कम परिचित यात्री भी आसानी से इसका उपयोग कर सकते हैं। यह एप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध होगी।
रेलवे की यह नई पहल यात्रियों के लिए सुविधाजनक, समय बचाने वाली और किफायती साबित होगी। 3% की छूट भले ही छोटी लगे, लेकिन रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण राहत है।
“रेलवन एप” पर मिलने वाली यह छूट डिजिटल इंडिया की सोच को मजबूती देती है और भारतीय रेलवे को आधुनिक, स्मार्ट और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम है।
