पिछले भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक एयर स्ट्राइक की थी, तो पाकिस्तानी मीडिया और सेना की बयानबाज़ी ने दावा किया कि उसने भारत का राफेल लड़ाकू विमान मार गिराया। उनके पास कथित तौर पर कुछ टेल नंबर (जैसे BS-022) तक थे और वह इसे “सबूत” की तरह पेश कर रहे थे।
लेकिन असलियत यह है कि वही एयरक्राफ्ट अब भारत के गणतंत्र दिवस परेड या वायुसेना की फ्लाई-पास्ट में उड़ाता दिखा, यह साफ संदेश देता है कि पाकिस्तान के दावों में कोई दम नहीं था। भारतीय वायुसेना, सरकारी सूत्र और फ़ैक्ट-चेक अकाउंट्स ने बार-बार स्पष्ट किया है कि किसी भी राफेल को नुकसान नहीं हुआ और न ही उसे पाकिस्तान ने कभी शूट डाउन किया।
असल में यह सब दुश्मन की प्रोपेगैंडा मशीनरी और मीडिया पर असर का हिस्सा था — हवा में अपने ही जेट्स को मार गिराने वाले बयान, तकनीकी अफ़वाहें, और ग़लत दावे, जो सुनने में तो धाकड़ लगते हैं लेकिन ज़मीन पर असल डेटा और विश्वसनीय फ़ोटोज़/वीडीओ/सरकारी बयान उन्हें नष्ट कर देते हैं। भारत ने न सिर्फ दावों का खंडन किया, बल्कि अपने राफेल और अन्य उड़ान क्षमता को गणतंत्र दिवस पर शिद्दत से प्रदर्शित भी किया, जिससे पाकिस्तान की असलियत और कमजोरियों को दुनिया ने देखा।
