भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई पहल - भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं फिर से हुई शुरू

Jitendra Kumar Sinha
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ढाका से आई एक अहम कूटनीतिक खबर में ‘बांग्लादेश हाई कमीशन’ ने भारत के लिए वीजा सेवाएं बहाल करने की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई ऊर्जा देने की कोशिशें तेज हैं। दो महीने पहले अस्थायी रूप से निलंबित की गई इन सेवाओं की बहाली को भारत–बांग्लादेश संबंधों में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

दो महीने पहले तत्कालीन प्रशासनिक निर्णय के तहत भारत के लिए वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया था। उस समय क्षेत्रीय हालात, प्रशासनिक पुनर्गठन और सुरक्षा से जुड़े कारणों को प्रमुख वजह माना गया था। इस निर्णय से भारत जाने के इच्छुक बांग्लादेशी नागरिकों के साथ-साथ भारत से बांग्लादेश आने वाले लोगों को भी असुविधा हुई थी। पर्यटन, चिकित्सा, शिक्षा और व्यापार से जुड़े यात्रियों पर इसका सीधा असर पड़ा है।

नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह भारत के साथ संबंधों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना चाहती है। वीजा सेवाओं की बहाली इसी दिशा में उठाया गया एक व्यावहारिक और प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। कूटनीतिक हलकों में इसे भरोसा बहाली की प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।

इससे पहले मोहम्मद यूनुस की सरकार के दौरान वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया था। उस फैसले को उस समय की परिस्थितियों से जोड़कर देखा गया था। अब नई सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्रीय सहयोग और लोगों से लोगों के संपर्क को बढ़ावा देना उसकी नीति का अहम हिस्सा है।

भारत के नजरिये से यह फैसला कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। पर्यटन और चिकित्सा के लिए बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक भारत आते हैं। शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में भारतीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के लिए आवागमन आसान होगा। सीमा पार सहयोग हेतु दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते मजबूत होंगे।

वीजा सेवाएं बहाल होने से सबसे अधिक राहत आम लोगों को मिली है। लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों को अब उम्मीद जगी है कि उनकी योजनाएं फिर से पटरी पर लौटेगी। ट्रैवल एजेंसियों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम केवल वीजा तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में व्यापार, जल-संसाधन, ऊर्जा सहयोग और सीमा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक बातचीत की संभावना बढ़ी है। वीजा सेवाओं की बहाली को दोनों देशों के बीच संवाद और विश्वास की बहाली के पहले चरण के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन द्वारा भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं की बहाली भारत-बांग्लादेश संबंधों में एक नई शुरुआत का संकेत देती है। नए नेतृत्व के तहत उठाया गया यह कदम न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आम लोगों के जीवन को भी सीधे तौर पर प्रभावित करता है। यदि यही सकारात्मक रुख बना रहा, तो आने वाले दिनों में दोनों पड़ोसी देशों के रिश्ते और मजबूत होते दिख सकते हैं।



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