बिहार के छह शहरों में आधुनिक शवदाहगृहों का होगा विकास

Jitendra Kumar Sinha
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बिहार सरकार ने राज्य के विभिन्न शहरों में अंतिम संस्कार की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने छह शहरों में चल रहे मोक्षधाम (शवदाहगृह) निर्माण कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक राशि जारी कर दी है। इस निर्णय से न केवल निर्माण कार्य में तेजी आएगी, बल्कि आम लोगों को आधुनिक और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की सुविधाएं भी उपलब्ध होगी।


समाज में जन्म और मृत्यु दोनों ही जीवन के महत्वपूर्ण सत्य हैं। मृत्यु के बाद सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था किसी भी सभ्य समाज की पहचान मानी जाती है। इसी सोच के साथ बिहार सरकार राज्य के विभिन्न नगर निकाय क्षेत्रों में आधुनिक मोक्षधामों का निर्माण कर रही है। इन मोक्षधामों में पारंपरिक सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, स्वच्छता व्यवस्था, प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


नगर विकास विभाग ने जिन शहरों के लिए निर्माण राशि जारी की है, उनमें प्रमुख रूप से दरभंगा, बक्सर, मनिहारी (कटिहार), सीतामढ़ी और बीहट शामिल हैं। इन शहरों में पहले से स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, धनराशि जारी होने के बाद निर्माण एजेंसियां तेजी से कार्य पूरा कर सकेगी। इससे लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।


दरभंगा में मोक्षधाम निर्माण का कार्य लगभग 9 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक मानी जा रही है। सरकार ने इस परियोजना के लिए 1 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि जारी की है। दरभंगा जैसे बड़े शहर में जनसंख्या घनत्व अधिक होने के कारण आधुनिक शवदाहगृह की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। परियोजना पूरी होने के बाद यहां के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी।


कटिहार जिले के मनिहारी नगर क्षेत्र में भी मोक्षधाम निर्माण का कार्य चल रहा है। इस परियोजना के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। अब तक इसके लिए 3 करोड़ 59 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। मनिहारी गंगा नदी के किनारे स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। आधुनिक मोक्षधाम बनने से यहां की व्यवस्थाएं काफी बेहतर होगी।


सीतामढ़ी, बक्सर और बीहट जैसे नगर क्षेत्रों में भी मोक्षधाम निर्माण कार्य जारी है। इन क्षेत्रों में भी सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लोगों को अंतिम संस्कार के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेगी। विशेष रूप से बारिश और बाढ़ के समय होने वाली समस्याओं से काफी राहत मिलेगी।


आधुनिक मोक्षधामों के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कई स्थानों पर विद्युत शवदाहगृह और कम प्रदूषण वाली तकनीकों को शामिल करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा परिसर में वृक्षारोपण, स्वच्छ जल निकासी, कचरा प्रबंधन और हरित क्षेत्र विकसित करने की भी व्यवस्था की जा रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ परिसर का वातावरण भी बेहतर रहेगा।


नगर विकास विभाग की यह पहल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करने का हिस्सा है। जिस प्रकार सरकार सड़क, जलापूर्ति, पार्क और सामुदायिक भवनों का विकास कर रही है, उसी प्रकार अंतिम संस्कार स्थलों का आधुनिकीकरण भी आवश्यक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती आबादी और शहरीकरण के दौर में ऐसे सार्वजनिक सुविधाओं का विकास समय की मांग है। इससे नागरिकों को सम्मानजनक और व्यवस्थित सेवाएं प्राप्त होगी।


बिहार के छह शहरों में मोक्षधाम निर्माण के लिए राशि जारी किया जाना एक सकारात्मक और जनहितकारी कदम है। इससे वर्षों से लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी और लोगों को आधुनिक, स्वच्छ तथा सम्मानजनक अंतिम संस्कार की सुविधाएं उपलब्ध होगी। सरकार की यह पहल न केवल शहरी विकास को नई दिशा देगी, बल्कि समाज के संवेदनशील और मानवीय पक्ष को भी मजबूत करेगी। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने से हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और नगर क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।



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